कुवैत में रहने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर है। सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत (CBK) ने उन लोगों के बैंक खातों की कड़ी निगरानी करने का आदेश दिया है जिनका वर्क परमिट खत्म हो चुका है। सरकार का मकसद बैंकिंग सिस्टम में होने वाले फ्रॉड और गलत कामों को रोकना है। अब बैंकों को इस बात का खास ख्याल रखना होगा कि किसका परमिट वैध है और किसका नहीं।

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बैंक खातों पर यह सख्ती क्यों की जा रही है?

सेंट्रल बैंक ने स्थानीय बैंकों को एक सर्कुलर भेजा है जिसमें कहा गया है कि एक्सपायर्ड वर्क परमिट वाले खातों पर कड़ी नज़र रखी जाए। यह कदम वित्तीय गड़बड़ियों को रोकने और नियमों का पालन कराने के लिए उठाया गया है। बैंक अब ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) नियमों के तहत ग्राहकों का डेटा नियमित रूप से अपडेट करेंगे। अगर कोई खाता नियमों का पालन नहीं करता है, तो बैंक उस पर जरूरी कार्रवाई करेंगे।

PACI और नए ऑटोमेटेड सिस्टम से क्या होगा असर?

सेंट्रल बैंक और पब्लिक अथॉरिटी फॉर सिविल इंफॉर्मेशन (PACI) ने मिलकर एक ऑटोमेटेड सिस्टम शुरू किया है। इस सिस्टम के जरिए बैंकों को सिविल आईडी और लोगों के नाम की ताजा जानकारी मिलती रहेगी। पहले कई बार वर्क परमिट खत्म होने के बाद भी बैंक खातों को चालू रखा जाता था क्योंकि जानकारी की कमी थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इससे मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय गतिविधियों पर लगाम लगेगी।

एक्सचेंज कंपनियों और पेमेंट फर्म्स के लिए क्या निर्देश हैं?

1 अप्रैल से एक्सचेंज कंपनियों, फाइनेंस फर्म्स और ई-पेमेंट प्रोवाइडर्स को भी अपनी रिपोर्टिंग व्यवस्था मजबूत करने के लिए कहा गया है। इन्हें एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और आतंकवाद के वित्तपोषण (CFT) को रोकने वाले अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना होगा। अब इनकी रिपोर्ट में रिस्क असेसमेंट और मैनेजमेंट की मंजूरी जैसे जरूरी दस्तावेज शामिल करने होंगे।

मुख्य बिंदु विवरण
जारी करने वाली संस्था सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत (CBK)
सहयोगी संस्था पब्लिक अथॉरिटी फॉर सिविल इंफॉर्मेशन (PACI)
मुख्य लक्ष्य वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग रोकना
प्रभावित लोग एक्सपायर्ड वर्क परमिट वाले प्रवासी

नए सिस्टम का लाभ सिविल आईडी और नामों का ऑटोमेटेड अपडेट
रिपोर्टिंग की शुरुआत 1 अप्रैल से एक्सचेंज और फाइनेंस फर्म्स के लिए
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.