कुवैत के चीफ ऑफ स्टाफ General Khaled Al-Shuraian ने 30 जुलाई 2026 को सऊदी अरब में एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य Bab el-Mandeb Strait में समुद्री जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है। यह इलाका व्यापार और तेल शिपिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिस पर आजकल लगातार खतरा बना हुआ है।

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सऊदी अरब बना रहा अंतरराष्ट्रीय गठबंधन

सऊदी अरब इस समय लगभग 50 देशों के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन तैयार कर रहा है। इसका मुख्यालय Riyadh में होगा और इसकी कमान पूरी तरह से सऊदी अरब के हाथ में रहेगी। इस गठबंधन में अमेरिका, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश भी शामिल हैं। इसका सीधा मकसद हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में फैलाई जा रही अशांति को रोकना है।

हूतियों की धमकी और बढ़ती तनातनी

20 जुलाई 2026 को हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब की ओर जाने वाले जहाजों पर नाकेबंदी करने का एलान किया था। इतना ही नहीं, ये विद्रोही अब इस रास्ते से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों से ट्रांजिट फीस वसूलने की भी बात कर रहे हैं। इसके जवाब में सऊदी अरब ने यमन के Hodeidah पोर्ट पर स्थित हूती सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।

क्षेत्रीय तनाव केवल यहीं तक सीमित नहीं है। US Central Command के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई की है। यह कार्रवाई तब हुई जब ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। दूसरी तरफ, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भी ईरान की उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बीमा के नाम पर गलत तरीके से काम कर रही थीं। इन हालातों का सीधा असर अब समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर पड़ रहा है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.