कुवैत सरकार ने नागरिकता के फर्जीवाड़े के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। जांच में 155 ऐसे लोग मिले हैं जिन्होंने गलत तरीके से अपनी पहचान बनाई थी। इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया है।
कुवैत में नागरिकता फर्जीवाड़े के चौंकाने वाले मामले क्या हैं?
Supreme Committee for Kuwaiti Citizenship Investigation की जांच में पता चला कि कई लोगों ने मृत व्यक्तियों के रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी पहचान बनाई थी। एक मामला ऐसा सामने आया जहां 1930 के दशक में जन्मे एक व्यक्ति के दो बेटों का दावा किया गया था। जांच में पाया गया कि वे अपने कथित पिता से केवल 12 और 13 साल छोटे थे, जो कि नामुमकिन था। DNA टेस्ट के बाद यह साफ हो गया कि उनका कोई जैविक संबंध नहीं था, जिसके बाद उन दोनों और उनके करीब 81 लोगों की नागरिकता छीन ली गई।
फर्जी पहचान बनाने वालों को क्या सजा मिली?
Criminal Court ने एक खाड़ी देश की महिला और उसके पिता को 7 साल की कड़ी जेल और 15 लाख कुवैती दीनार (KD 1.5 million) का जुर्माना सुनाया है। इन लोगों ने 1995 से एक मृत कुवैती नागरिक की पहचान का इस्तेमाल कर गलत तरीके से सरकारी फायदे उठाए थे। इसके अलावा, Decree No. 65 of 2026 के तहत 20 लोगों और उनके परिवार की नागरिकता भी रद्द कर दी गई है। सरकार ने साफ कहा है कि नए नागरिकता कानून का सख्ती से पालन होगा और किसी भी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत में नागरिकता फर्जीवाड़े की जांच कौन कर रहा है?
इसकी जांच Supreme Committee for Kuwaiti Citizenship Investigation कर रही है, जिसके प्रमुख प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री Sheikh Fahad Al-Yousef हैं।
फर्जी नागरिकता पकड़े जाने पर सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने फर्जी पहचान वाले लोगों की नागरिकता रद्द कर दी है और दोषियों को जेल भेजने के साथ भारी जुर्माना लगाने का आदेश दिया है।
