कुवैत सरकार ने अपनी नागरिकता कानून में बहुत बड़े बदलाव किए हैं। नए डिक्री-लॉ नंबर (52) के तहत अब नागरिकता मिलने और उसे खोने के नियमों को काफी सख्त कर दिया गया है। यह फैसला 13 अप्रैल 2026 को आधिकारिक गजट “कुवैत अल यौम” में प्रकाशित हुआ, जिससे देश की नागरिकता प्रक्रिया पूरी तरह बदल गई है।

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कुवैत नागरिकता के नए नियम क्या हैं?

नए नियमों के मुताबिक, अब कुवैती पुरुषों से शादी करने वाली विदेशी महिलाओं को केवल शादी के आधार पर कुवैत की नागरिकता नहीं मिलेगी। वहीं, कुवैती मां के बच्चों के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए गए हैं। अगर पिता की मृत्यु हो गई है, या वह युद्धबंदी है या मां से तलाक हो चुका है, तो बच्चे को वयस्क होने तक अस्थायी रूप से कुवैती माना जा सकता है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि मूल रूप से कुवैती कौन कहलाएगा।

किन हालातों में छिन सकती है नागरिकता?

सरकार अब उन लोगों की नागरिकता वापस ले सकती है जिन्होंने धोखाधड़ी, फर्जी कागजात या गलत जानकारी देकर नागरिकता हासिल की थी। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बनता है, विदेशी सेना में शामिल होता है या किसी ऐसी विदेशी संस्था से जुड़ता है जो कुवैत के सिस्टम के खिलाफ है, तो उसकी नागरिकता रद्द कर दी जाएगी। नागरिकता के विवादों को सुलझाने और वेरिफिकेशन के लिए अब वैज्ञानिक तरीकों (Scientific methods) का इस्तेमाल किया जाएगा।

नागरिकता छिनने के बाद क्या अधिकार मिलेंगे?

सरकार ने उन लोगों के लिए कुछ राहत उपाय किए हैं जिनकी नागरिकता वापस ले ली गई है, ताकि उनकी बुनियादी जिंदगी प्रभावित न हो। इन अधिकारों की जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:

क्षेत्र नियम और सुविधा
सरकारी नौकरी सरकारी विभागों में नौकरी जारी रहेगी, लेकिन बड़े नेतृत्व वाले पद नहीं मिलेंगे
बिजनेस पुराने बिजनेस चालू रहेंगे, लेकिन नए बिजनेस खोलना या मालिकाना हक बढ़ाना मना है
बुनियादी सेवाएं जरूरी सरकारी और बुनियादी सेवाओं का लाभ मिलता रहेगा
वेरिफिकेशन सुप्रीम कमेटी फॉर कुवैती सिटीजनशिप वेरिफिकेशन सभी मामलों की जांच करेगी
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.