कुवैत सरकार ने नागरिकता को लेकर एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को आधिकारिक गजट ‘Kuwait Al-Youm’ में तीन आदेश जारी किए गए, जिसके तहत 2,182 लोगों की नागरिकता रद्द कर दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने नागरिकता कानून में बड़े बदलाव करते हुए नया कानून Decree-Law No. 52/2026 तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है।

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कुवैत के नागरिकता कानून में क्या-क्या बदलाव हुए हैं?

नए कानून के मुताबिक अब उन्हीं लोगों को कुवैती माना जाएगा जो 1920 से पहले से कुवैत में रह रहे थे और 14 दिसंबर 1959 तक वहां रुके रहे। अब दोहरी नागरिकता रखना पूरी तरह मना है और ऐसा करने वालों की नागरिकता छीनी जा सकती है। इसके अलावा, शादी के आधार पर या प्राकृतिक रूप से नागरिकता पाने के नियमों को अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिया गया है।

नागरिकता रद्द होने और गलत जानकारी देने पर क्या सजा मिलेगी?

सरकार ने धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर नागरिकता लेने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। अब नागरिकता विवादों को सुलझाने के लिए DNA टेस्ट और बायोमेट्रिक पहचान जैसे वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि नागरिकता से जुड़े फैसले अब संप्रभु कार्य माने जाएंगे, जिसका मतलब है कि इन्हें कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकेगी।

विवरण जानकारी
कुल रद्द नागरिकता 2,182 व्यक्ति और उनके आश्रित
लागू कानून Decree-Law No. 52/2026
प्रकाशन तिथि 13 अप्रैल 2026
धोखाधड़ी पर जेल 3 से 7 साल तक
जुर्माना राशि 3,000 से 5,000 कुवैती दीनार
मुख्य शर्त दोहरी नागरिकता पर पूरी तरह पाबंदी
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.