कुवैत में नागरिकता जांच का काम बहुत तेजी से चल रहा है। हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आई है जहां डीएनए टेस्ट के बाद 60 लोगों की कुवैत नागरिकता रद्द कर दी गई है। यह मामला एक सीरियन व्यक्ति से जुड़ा है जिसने 1970 के दशक में गलत तरीके से कुवैती होने का दावा किया था। जांच कमिटी ने पाया कि वह व्यक्ति असल में कुवैती नहीं था, जिसके बाद उसके 10 बच्चे और 50 पोते-पोतियों की नागरिकता भी अब खत्म कर दी गई है।

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डीएनए जांच में कैसे पकड़ी गई यह चोरी?

यह मामला तब खुला जब अधिकारियों ने उस परिवार की पुरानी फाइलों को खंगाला। जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति ने खुद को कुवैती बताया था, वह असल में सीरियन था। उस समय असली कुवैती पिता के बेटों ने भी कबूल किया कि उनके पिता ने इस सीरियन व्यक्ति को अपना भाई बताकर फाइल में जोड़ा था, जबकि उनका खून का कोई रिश्ता नहीं था।

डीएनए रिपोर्ट ने भी इस बात को साफ कर दिया। जब उस व्यक्ति के बच्चों और कुवैत में रह रहे उसके सीरियन भाइयों के बच्चों का डीएनए मिलाया गया, तो वे आपस में चचेरे भाई-बहन निकले। इससे यह बात साफ हो गई कि वे कुवैती परिवार का हिस्सा नहीं थे और इतने सालों से गलत पहचान का इस्तेमाल कर रहे थे।

सरकार ने 1000 से ज्यादा और लोगों पर की कार्रवाई

कुवैत सरकार ने शनिवार, 7 फरवरी 2026 को नागरिकता रद्द करने के लिए सात नए आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत 1,145 महिलाओं और 13 पुरुषों की नागरिकता छीनी गई है। यह सभी नाम रविवार को सरकारी गजट में छापे जाएंगे। इसके अलावा, एक व्यक्ति जो बॉर्डर से भागने की कोशिश कर रहा था, उसकी वजह से 133 लोगों का एक और फर्जी नेटवर्क पकड़ा गया है।

  • Ministerial Resolution No. 678: अब डीएनए टेस्ट और आंखों की स्कैनिंग का उपयोग जांच के लिए जरूरी कर दिया गया है।
  • कमेटी का काम: शेख फहद अल-यूसुफ की अध्यक्षता में कमिटी हर सेशन में हजारों फाइलों की जांच कर रही है।
  • संपत्ति की जांच: जिन लोगों ने गलत तरीके से नागरिकता ली, उनकी संपत्ति और पेंशन को वापस लेने की तैयारी भी चल रही है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.