कुवैत सरकार ने नागरिकता के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। हाल ही में आधिकारिक गजट ‘Kuwait Al-Youm’ में एक फैसला छपा है, जिसके तहत 4 लोगों की कुवैत की नागरिकता रद्द कर दी गई है। यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ हुई है जिन्होंने गलत जानकारी देकर नागरिकता हासिल की थी। इस फैसले का असर उन परिवार वालों पर भी पड़ेगा जिन्होंने इनके जरिए नागरिकता पाई थी।

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नागरिकता क्यों छीनी गई और क्या हैं नए नियम?

सरकार ने कैबिनेट रेजोल्यूशन नंबर 200/2026 जारी किया है। इसके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति धोखाधड़ी, गलत बयान या फर्जी दस्तावेजों के जरिए नागरिकता लेता है, तो उसे वापस लिया जा सकता है। यह नियम नागरिकता कानून की धारा 21 bis (a) के तहत लागू किया गया है। अब सरकार के पास नागरिकता देने और वापस लेने के अधिकार पहले से ज्यादा मजबूत हो गए हैं।

धोखाधड़ी करने वालों के लिए कड़ी सजा और जांच

नागरिकता के मामले में गलत जानकारी देने वालों के लिए अब जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। जानबूझकर धोखाधड़ी करने पर 7 साल तक की जेल और 5,000 कुवैती दीनार का जुर्माना लग सकता है। वहीं साधारण गलत जानकारी के लिए 3 साल की जेल और 3,000 दीनार जुर्माना तय किया गया है। पहचान पुख्ता करने के लिए अब DNA टेस्ट और बायोमेट्रिक जैसे वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

कितने लोगों पर पड़ा असर और क्या है बड़ा बदलाव?

कुवैत में नागरिकता कानूनों का बड़ा बदलाव 2024 से शुरू हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2024 से अब तक 50,000 से ज्यादा लोगों की नागरिकता छीनी जा चुकी है। सिर्फ 13 अप्रैल 2026 को ही तीन अलग-अलग आदेशों के जरिए 2,182 लोगों की नागरिकता वापस ले ली गई। जिन लोगों की नागरिकता गई है, उनके परिवार के सदस्य भी अपने कुवैती पासपोर्ट खो सकते हैं।

विवरण जानकारी
रेजोल्यूशन नंबर 200/2026 4 लोगों की नागरिकता रद्द
डिक्री-लॉ नंबर 52/2026 नागरिकता कानून में बड़ा बदलाव
13 अप्रैल के आदेश (22, 23, 24) 2,182 लोगों की नागरिकता वापस ली गई
धोखाधड़ी की सजा 7 साल जेल और 5,000 KD जुर्माना
गलत जानकारी की सजा 3 साल जेल और 3,000 KD जुर्माना
कुल प्रभावित (सितंबर 2024 से) 50,000 से ज्यादा लोग
जांच के तरीके DNA और बायोमेट्रिक पहचान