पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में हवाई हमलों के अलर्ट जारी किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कुवैत ने अपनी सुरक्षा को देखते हुए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, जबकि बहरीन और जॉर्डन में लगातार हवाई हमले के सायरन बज रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच सीधे टकराव के बाद इस पूरे इलाके में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और हवाई यात्रा करने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

ℹ: ईरान ने जोर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर दागी 12 मिसाइलें, F-35 फाइटर जेट्स को निशाना बनाने का दावा.

Kuwait ने क्यों बंद किया अपना एयरस्पेस?

कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 11 जून 2026 को सुबह 4:50 बजे से अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है। कुवैती सेना ने पुष्टि की है कि उनके वायु रक्षा प्रणाली ने आसमान में संदिग्ध और दुश्मन के हवाई लक्ष्यों को रोका और उन्हें नष्ट किया है। सरकार ने इसे ईरानी आक्रामकता के बाद उठाया गया एक एहतियाती कदम बताया है ताकि नागरिकों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इससे पहले 6 जून को भी कुवैत ने दो घंटे के लिए अपना एयरस्पेस बंद किया था। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए उड़ानों में देरी या रूट बदलने की संभावना बढ़ गई है।

Bahrain और Jordan में क्यों बज रहे हैं सायरन?

बहरीन के गृह मंत्रालय ने 10 और 11 जून 2026 को देश में एयर रेड सायरन बजाकर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर ड्रोन हमले का दावा किया है। दूसरी तरफ, जॉर्डन की सेना ने ईरान से दागी गई 5 मिसाइलों को अपने हवाई क्षेत्र में मार गिराया है। यह मिसाइलें अल-अजराक क्षेत्र की तरफ बढ़ रही थीं। अमेरिकी दूतावास ने भी जॉर्डन में अपने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की चेतावनी जारी की है।

US और Iran के बीच सीधी सैन्य कार्रवाई और उसका असर

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 10 जून 2026 को तड़के ईरान के भीतर कई ठिकानों पर आत्मरक्षा में हमले किए। इन हमलों में ईरान की सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और वायु रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई के जवाब में ईरान ने तुरंत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले से वैश्विक तेल आपूर्ति पर बुरा असर पड़ सकता है और खाड़ी देशों से यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत का एयरस्पेस क्यों बंद किया गया है?

कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सुरक्षा चिंताओं और हवाई क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए एहतियात के तौर पर 11 जून 2026 को हवाई क्षेत्र बंद करने का फैसला लिया।

क्या इस तनाव का असर भारत और खाड़ी देशों के बीच उड़ानों पर पड़ेगा?

हां, कुवैती एयरस्पेस बंद होने और पूरे क्षेत्र में तनाव के कारण भारत से कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जाने वाली उड़ानों के रूट बदले जा सकते हैं या उड़ानों में देरी हो सकती है।

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को क्यों बंद किया है?

अमेरिकी सेना (CENTCOM) द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की घोषणा की है।