कुवैत सरकार ने अल-अक्सा मस्जिद में इजरायली मंत्री के प्रवेश की कड़ी निंदा की है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। यह घटना 6 अप्रैल 2026 को हुई जब इजरायली सुरक्षा बलों के साये में मस्जिद परिसर में घुसपैठ की गई। कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) के माध्यम से इस आधिकारिक रुख को स्पष्ट किया गया है।

इन देशों ने भी इस घटना पर जताई कड़ी आपत्ति

कुवैत के साथ-साथ दुनिया के कई अन्य मुस्लिम देशों ने भी इस मामले पर अपना कड़ा रुख साफ किया है। सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन और तुर्की जैसे देशों ने इसे एक उकसावे वाली कार्रवाई बताया है। मिस्र और पाकिस्तान ने भी आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि यह धार्मिक स्थलों की पवित्रता का अपमान है। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) और अरब लीग ने भी इस घुसपैठ की आलोचना करते हुए इजरायल से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने को कहा है।

अल-अक्सा मस्जिद मामले से जुड़े मुख्य तथ्य

विवरण जानकारी
मुख्य व्यक्ति इजरायली सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर
घटना की तारीख 6 अप्रैल 2026
स्थान अल-अक्सा मस्जिद परिसर, यरुशलम
सुरक्षा स्थिति इजरायली सुरक्षा बलों के संरक्षण में घुसपैठ हुई
विरोध करने वाले देश कुवैत, सऊदी, कतर, जॉर्डन, तुर्की, पाकिस्तान, मिस्र

मस्जिद परिसर में सुरक्षा और पाबंदियों का हाल

रिपोर्ट्स के अनुसार अल-अक्सा मस्जिद और होली सेपल्चर चर्च पिछले 38 दिनों से लगभग बंद हैं। इजरायली अधिकारियों ने इलाके में स्टेट ऑफ इमरजेंसी घोषित कर रखी है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच इजरायली मंत्री मोरक्कन गेट से मस्जिद परिसर में दाखिल हुए और भारी सुरक्षा घेरे में वहां का दौरा किया। सभी मुस्लिम देशों ने एक सुर में कहा है कि अल-अक्सा मस्जिद मुसलमानों के लिए एक पवित्र स्थल है और इसके ऐतिहासिक स्टेटस के साथ कोई भी छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।