Kuwait के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में Saudi Arabia पर हुए ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। ये हमले Iraq से सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा किए गए थे, जिनका निशाना सऊदी अरब के Eastern Province की तेल सुविधाएं और Riyadh क्षेत्र के कुछ अन्य इलाके थे। कुवैत ने इन हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा माना है।
सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर कुवैत का समर्थन
कुवैत ने साफ तौर पर कहा कि वह सऊदी अरब के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। मंत्रालय ने United Nations Charter के Article 51 का हवाला देते हुए सऊदी अरब के अपने बचाव और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के अधिकार का समर्थन किया है। अधिकारियों का मानना है कि सऊदी अरब की सुरक्षा कुवैत और पूरे GCC देशों की सुरक्षा का ही एक हिस्सा है।
हमलों के बाद की स्थिति और जांच
इस घटना की शुरुआत July 27, 2026 को हुई थी जब सऊदी एयर डिफेंस ने इराकी क्षेत्र से दागे गए कई ड्रोन्स को हवा में ही रोक दिया था। इसके जवाब में July 29, 2026 को सऊदी रक्षा मंत्रालय ने US Central Command (CENTCOM) के साथ मिलकर इराक में उन ठिकानों पर स्ट्राइक की जहां से ये हमले किए गए थे। GCC के सेक्रेटरी-जनरल Jasem Al-Budaiwi ने भी इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है, जबकि इराकी प्रधानमंत्री Ali Al-Zaidi ने इन दावों की जांच कराने की बात कही है।
