लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकर पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले को कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। 23 जुलाई 2026 को हुई इस घटना में सऊदी तेल टैंकर Encelia के अगले हिस्से में आग लग गई थी, हालांकि अच्छी बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। कुवैत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा माना है।

अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नेविगेशन की स्वतंत्रता 1982 के संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के तहत सभी का अधिकार है। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे यमन से जुड़े UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2216 और लाल सागर में सुरक्षा के लिए प्रस्ताव 2722 का सख्ती से पालन कराएं। कुवैत ने सऊदी अरब की संप्रभुता और उसकी सुरक्षा के लिए उठाए गए हर कदम के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है।

तनाव के बीच हूतियों का दावा

हूती मिलिशिया ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और दावा किया कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन के जरिए Encelia और Layla नाम के दो टैंकरों को निशाना बनाया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव का माहौल है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि हूतियों को ईरान द्वारा उकसाया गया है ताकि वे लाल सागर में जहाजों पर हमला करें, साथ ही उन्होंने क्षेत्र में शांति बहाल होने की उम्मीद भी जताई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.