कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने रविवार 29 मार्च 2026 को ईरान की ओर से किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से हो रहे ये हमले कुवैत और पूरे क्षेत्र की शांति के लिए एक गंभीर चुनौती हैं। अरब लीग की बैठक में बोलते हुए उन्होंने साफ किया कि इन हमलों की वजह से कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में कड़ा रुख अपनाने की मांग की है ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।

हमलों से कुवैत में क्या नुकसान हुआ और सरकार ने क्या बताया?

कुवैत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को दी गई जानकारी में बताया कि उनके देश पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए हैं। इन हमलों में सरकारी और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और वहां मौजूद ईंधन के टैंकों पर भी ड्रोन से हमला हुआ है। इन घटनाओं में कुछ सुरक्षाकर्मियों की जान गई है और कई लोग घायल हुए हैं। सरकार ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर इस बात की शिकायत की है कि कुवैत किसी भी क्षेत्रीय विवाद का हिस्सा नहीं है, फिर भी उसे निशाना बनाया जा रहा है।

इन हमलों का आम लोगों और प्रवासियों पर क्या असर हुआ है?

कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। बिजली और पानी की सप्लाई करने वाले विभागों ने पुष्टि की है कि सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। हालांकि, मिसाइलों के मलबे गिरने से कुछ जगहों पर नुकसान की खबरें मिली हैं। कुवैत में रहने वाले प्रवासी, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय शामिल हैं, उनके लिए सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने हिजबुल्लाह से जुड़े कुछ संदिग्ध गुटों को भी पकड़ा है जो देश में शांति बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे।

हमलों और सुरक्षा से जुड़े कुछ मुख्य आंकड़े

विवरण संख्या/जानकारी
दागी गई कुल मिसाइलें 234
भेजे गए कुल ड्रोन 422
हालिया हवाई खतरे जो रोके गए 26
घायल सैनिक (29 मार्च) 10
मुख्य प्रभावित स्थान कुवैत एयरपोर्ट, सैन्य कैंप
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.