कुवैत में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि ईरान की तरफ से लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। कुवैत सरकार ने इस हमले को ‘पाप पूर्ण आक्रामकता’ यानी ‘sinful aggression’ करार दिया है। इस हमले में उत्तरी कुवैत स्थित एक चीनी कंपनी की बिल्डिंग को निशाना बनाया गया, जिसमें एक वर्कर की मौत हो गई और भारी नुकसान हुआ। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Saud Al-Atwan ने इस घटना की पुष्टि की है।
📰: Saudi Arabia: कचरा प्रबंधन शुल्क वसूलने का अधिकार अभी भी मंत्रालय के पास, सरकार ने बढ़ाया समय।
कुवैत की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा खतरा
बीते शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को कुवैत की सेना ने अपने एयरस्पेस में घुसने वाले कई ड्रोन्स को मार गिराया। इन ड्रोन्स का लक्ष्य सैन्य और महत्वपूर्ण ठिकाने थे। हालांकि इनके मलबे से कुछ जगहों पर नुकसान हुआ, लेकिन गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। ईरान की ओर से कहा गया कि उन्होंने Ahmad al-Jaber Air Base और Ali Al Salem Air Base को निशाना बनाया था, जो कि अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं।
क्षेत्रीय देशों ने की हमले की निंदा
इस घटना के बाद सऊदी अरब और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने कुवैत के साथ खड़े होने की बात कही है। GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान के ये हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के लिए एक बड़ा खतरा हैं। इस स्थिति को देखते हुए Pentagon ने कुवैत से अपनी सैन्य उपस्थिति कम करना शुरू कर दिया है। कुवैत में रह रहे प्रवासियों और आम नागरिकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
