कुवैत ने सऊदी अरब पर हुए ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। 27 और 28 जुलाई को सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत और राजधानी रियाद में स्थित तेल ठिकानों पर ड्रोन से हमले की कोशिश की गई थी। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को सऊदी संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।
कुवैत ने जताया पूरा समर्थन
कुवैत की सरकार ने स्पष्ट किया है कि सऊदी अरब की सुरक्षा कुवैत और पूरे GCC देशों की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। कुवैत ने इन हमलों के लिए इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है। कुवैत ने कहा कि ये कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों और यूएन चार्टर के खिलाफ है। 29 जुलाई को कुवैत न्यूज एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कुवैत सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता बनाए हुए है।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
सऊदी अरब ने बताया कि उसने अपने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से कई ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके बाद सऊदी अरब ने 29 जुलाई को अमेरिका के CENTCOM के साथ मिलकर इराक में ईरान समर्थित ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इस हमले में इराक की पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज के 8 सदस्य मारे गए और 4 घायल हुए। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को रोकने का दावा किया है। इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने इन घटनाओं की जांच के आदेश दिए हैं।
