खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर से तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 10 जून 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कुवैत में स्थित सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। इस हमले के बाद कुवैत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बहुत ही सख्त बयान जारी किया है। कुवैत सरकार ने ईरान की इस हरकत की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है। इस अचानक बढ़े तनाव के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के बीच भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है।
ईरान ने कुवैत पर यह हमला क्यों किया और वहां क्या हालात हैं?
ईरान के सैन्य संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। ईरान का कहना है कि उन्होंने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस को निशाना बनाया है, क्योंकि अमेरिका ने उनके एयर डिफेंस सिस्टम और राडार साइटों पर हमले किए थे। ईरान इसी अमेरिकी कार्रवाई का बदला ले रहा था। कुवैत सरकार ने साफ किया है कि इस तरह के बार-बार होने वाले हमले अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का सीधा उल्लंघन हैं। इससे आम नागरिकों की जान और जरूरी सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है।
कुवैत की सेना और सरकार ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
कुवैत की सेना ने बुधवार सुबह अलर्ट जारी करते हुए आसमान में आ रहे कई संदिग्ध और दुश्मन के ठिकानों को हवा में ही मार गिराया। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश अपनी सुरक्षा, जमीन और अपने लोगों के बचाव के लिए हर जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखता है। इससे पहले 3 जून को भी कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हमला हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई थी और 63 लोग घायल हुए थे। उस घटना के बाद कुवैत ने दो ईरानी राजनयिकों को देश से बाहर निकाल दिया था। सऊदी अरब और बहरीन ने भी इस मौके पर कुवैत का खुलकर समर्थन किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने कुवैत में किस जगह को निशाना बनाया है?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस को निशाना बनाया है। हालांकि कुवैत की सेना ने अलर्ट रहकर इन हवाई खतरों को रास्ते में ही रोक दिया।
क्या कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को कोई खतरा है?
कुवैत सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था बहुत मजबूत कर दी है और सेना पूरी तरह अलर्ट पर है। हवाई अड्डे और अन्य सेवाएं चालू हैं, लेकिन प्रवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
