बहरीन में शनिवार, 27 जून 2026 की सुबह ईरान ने ड्रोन से हमला किया। इस हमले के बाद कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे एक आपराधिक कदम बताया है। कुवैत का कहना है कि यह हमला बहरीन की आजादी और उसकी सुरक्षा का खुला उल्लंघन है।

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कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान का यह हमला बहरीन के नागरिकों और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। मंत्रालय के मुताबिक, यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। कुवैत ने साफ किया कि जब पूरी दुनिया तनाव कम करने की कोशिश कर रही है, तब ऐसे हमले शांति की कोशिशों को बर्बाद करते हैं।

बहरीन के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। बहरीन ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर इलाके में अस्थिरता फैला रहा है और शांति की कोशिशों को नाकाम कर रहा है। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 और 17 जून 2026 को हुए इस्लामाबाद समझौते का जिक्र किया, जिसमें सैन्य अभियान रोकने और दूसरे देशों की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही गई थी।

इस तनाव की शुरुआत तब हुई जब गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यापारिक जहाज पर हमले के बाद अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है और चेतावनी दी कि अगर तनाव बढ़ा तो वे और कड़ा जवाब देंगे।

इस घटना के बाद सिर्फ कुवैत ही नहीं, बल्कि UAE, जॉर्डन और कतर जैसे देशों ने भी ईरान की इस हरकत की निंदा की है। GCC के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदईवी ने भी कहा कि ईरान शांति और सुरक्षा की कोशिशों को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। कुवैत ने बहरीन को भरोसा दिलाया है कि वह उसकी सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के लिए पूरी तरह साथ खड़ा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.