कुवैत की सीमा के भीतर 12 जुलाई 2026 को ईरान द्वारा किए गए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को बेहद खतरनाक और क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है। मंत्रालय का कहना है कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई से कूटनीतिक कोशिशों को नुकसान पहुंच रहा है और हालात और अधिक बिगड़ सकते हैं।
हमले का विवरण और ईरान का दावा
ईरान के आर्मी पब्लिक रिलेशंस ऑफिस के अनुसार, उन्होंने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर कई ड्रोन हमले किए। ईरान का दावा है कि उसके सुसाइड ड्रोन्स ने अमेरिकी बेस पर स्थित Patriot एयर डिफेंस सिस्टम, गोला-बारूद डिपो और रडार साइट को अपना निशाना बनाया। ईरान ने यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों के जवाब में की है।
क्षेत्र में गहराता सैन्य संकट
तनाव को और बढ़ाते हुए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने Strait of Hormuz को अस्थाई रूप से बंद करने की घोषणा की है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका ने भी ईरान पर लगातार तीसरे दिन हमले किए हैं। अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक साइप्रस के जहाज पर हमला किया था। पिछले तीन रातों में अमेरिकी सेना ने 300 से ज्यादा बार ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया है। कुवैत के अलावा बहरीन, कतर, यूएई, ओमान और जॉर्डन ने भी ईरान के इन हमलों को लेकर चिंता जताई है और अलर्ट जारी किया है।
