कुवैत सरकार ने ईरान से जुड़े एक सशस्त्र समूह द्वारा Bubiyan Island में घुसपैठ की कोशिश को लेकर कड़ा गुस्सा जताया है. कैबिनेट ने इसे देश की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन बताया और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का आदेश दिया है. इस घटना के बाद कुवैत ने ईरान के खिलाफ कड़े राजनयिक कदम उठाए हैं.

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Bubiyan Island पर क्या हुआ और कौन पकड़े गए

यह घटना 1 मई 2026 को हुई थी जब ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से जुड़े सशस्त्र लोगों ने Bubiyan Island में घुसने की कोशिश की. कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस घुसपैठ को नाकाम कर दिया गया और 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया. पकड़े गए लोगों की पहचान Naval Colonel Amir Hossein Abdolmohammad Zaraei, Naval Colonel Abdolsamad Yedaleh Ghanavati, Naval Captain Ahmad Jamshid Gholamreza Zolfaghari और First Lieutenant Mohammad Hossein Sohrab Foroughi Rad के रूप में हुई है.

  • गृह मंत्रालय के मुताबिक गिरफ्तार चारों लोगों ने IRGC का सदस्य होना स्वीकार किया है.
  • इस झड़प के दौरान कुवैत का एक जवान घायल हुआ.
  • दो अन्य लोग, जिनमें Naval Captain Mansour Qambari और जहाज कमांडर Abdulali Kazem Siamri शामिल थे, मौके से भागने में सफल रहे.

कुवैत सरकार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

12 मई 2026 को हुई कैबिनेट मीटिंग में इस घुसपैठ को एक शत्रुतापूर्ण कृत्य माना गया. कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत Mohammad Totonji को तलब किया और उन्हें एक औपचारिक विरोध नोट सौंपा. कुवैत ने मांग की है कि ईरान ऐसी गैरकानूनी हरकतों को तुरंत और बिना शर्त बंद करे.

कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने अधिकार की बात कही है. इस मामले में GCC (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) और अरब लीग ने भी कड़ी निंदा की है. बहरीन के विदेश मंत्री ने इस मुश्किल घड़ी में कुवैत के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है. यह द्वीप इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ चीन की मदद से Mubarak Al Kabeer Port प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Bubiyan Island कुवैत के लिए क्यों जरूरी है

Bubiyan Island कुवैत का सबसे बड़ा द्वीप है और रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है. यहाँ चीन के सहयोग से Mubarak Al Kabeer Port प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है.

घुसपैठ के मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है

कुवैत ने 4 IRGC सदस्यों को गिरफ्तार किया है और ईरानी राजदूत को बुलाकर विरोध दर्ज कराया है. कैबिनेट ने सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाया है.