कुवैत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अपने क्षेत्र पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। सरकार ने इस कदम को बेहद खतरनाक और देश की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन माना है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरे क्षेत्र में शांति स्थापित करने और तनाव को कम करने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं। कुवैत ने इस पूरे मामले पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए ईरान से तुरंत इन हमलों को रोकने की मांग की है।

कुवैत सरकार ने हमलों को बताया बेहद खतरनाक

कुवैत के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ईरान द्वारा किए गए ये मिसाइल और ड्रोन हमले कुवैत की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। इन हमलों से आम नागरिकों की जान और देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (infrastructure) को भारी नुकसान पहुंच सकता है। मंत्रालय ने साफ किया कि यह हमला क्षेत्रीय स्थिरता को बिगाड़ने वाला कदम है। कुवैत ने ईरान से बिना किसी शर्त के तुरंत इन हमलों को बंद करने को कहा है।

अंतरराष्ट्रीय नियमों और आर्टिकल 51 के उल्लंघन का आरोप

कुवैत ने साफ तौर पर कहा है कि ये हमले पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का खुला उल्लंघन हैं। कुवैत सरकार ने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत उनके देश को अपनी सीमा, नागरिकों और महत्वपूर्ण संपत्तियों की रक्षा करने का पूरा अधिकार हासिल है और अपनी सुरक्षा के लिए वे सभी जरूरी कदम उठाने के लिए स्वतंत्र हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत ने ईरान के इन हमलों को लेकर क्या मांग रखी है?

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान से बिना किसी शर्त के इन मिसाइल और ड्रोन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।

अपनी सुरक्षा के लिए कुवैत ने किस नियम का हवाला दिया है?

कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) के आर्टिकल 51 का हवाला देते हुए कहा है कि उन्हें अपने क्षेत्र और जरूरी सुविधाओं की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने का पूरा अधिकार है।