कुवैत और ईरान के बीच तनाव अचानक बहुत बढ़ गया है। 28 मई 2026 को कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान की तरफ से अपनी सीमा में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैत ने इसे अपनी संप्रभुता और सुरक्षा पर बड़ा हमला बताया है और कहा है कि उनके पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। इस घटना से खाड़ी देशों में रह रहे आम लोगों और प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कुवैत ने ईरान के हमलों पर क्या रुख अपनाया है?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा कि ईरान की तरफ से किए गए ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सीधा उल्लंघन हैं। कुवैत सरकार ने मांग की है कि ईरान इन हमलों को तुरंत और बिना किसी शर्त के रोके। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 और यूएन चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा कि वह अपनी सुरक्षा, जमीन और बुनियादी ढांचे को बचाने के लिए हर जरूरी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
इस हमले पर दूसरे देशों और संगठनों की क्या प्रतिक्रिया रही?
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसिम मोहम्मद अल-बुदैवी और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस हमले का पुरजोर विरोध किया है और कुवैत के प्रति अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। दूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पहले खाड़ी देशों पर हमले की बात से इनकार किया था, लेकिन बाद में ईरान ने क्षेत्र में हमला करने की बात स्वीकार की। इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला और अमेरिका की इसमें क्या भूमिका है?
इस हमले से पहले अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्षविराम काफी नाजुक दौर में पहुंच गया था। अमेरिकी सेना ने कुछ दिन पहले ही दक्षिणी ईरान में ईरानी मिसाइल लॉन्च साइटों और सैन्य नौकाओं पर हमले किए थे। अमेरिकी दावों के मुताबिक उन्होंने ईरान के कई ड्रोन मार गिराए थे। इसी बीच कुवैत की सेना ने भी खुद पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की, जिसे कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट करने का प्रयास किया। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को काफी बढ़ा दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत पर ईरान का हमला कब हुआ?
कुवैत की सेना और विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह हमला 28 मई 2026 को हुआ, जिसमें मिसाइलों और ड्रोन के जरिए कुवैत की सीमा को निशाना बनाया गया।
इस हमले पर कुवैत ने क्या कदम उठाने की बात कही है?
कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए साफ किया है कि उसके पास आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है और वह अपनी सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।