कुवैत में लगातार हो रहे हवाई हमलों के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान की तरफ से हुए लगातार हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे देश की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया है। 1 जून 2026 को तड़के सुबह कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई दुश्मन ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी देश में अलर्ट जारी कर दिया गया है जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों में चिंता बढ़ गई है।

कुवैत में एयर डिफेंस ने मार गिराए ड्रोन, अमेरिकी बेस पर हुआ नुकसान

कुवैत के सैन्य और हवाई सुरक्षा बलों ने सोमवार सुबह, 1 जून 2026 को कुवैत की सीमा में घुस रहे कई ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। खबरों के अनुसार, कुवैत में एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए ईरानी मिसाइल हमले में 7 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें 4 अमेरिकी सैनिक और 3 सिविल कॉन्ट्रैक्टर शामिल हैं। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह से उल्लंघन हैं और कुवैत अपनी रक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने के लिए स्वतंत्र है।

अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ा है विवाद?

इस तनाव की शुरुआत पिछले हफ्ते से ही हो रही थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सप्ताहांत के दौरान ईरान के रडार और कमांड सेंटरों पर हमले किए थे। अमेरिका ने यह कार्रवाई अपने एक MQ-1 ड्रोन को अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में गिराए जाने के विरोध में की थी। इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर जवाबी हमले का दावा किया है। इस टकराव की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।

क्या हो रहा है समझौता और क्या है आगे का रास्ता?

एक तरफ जहां दोनों देशों के बीच सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए बातचीत चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ हमले भी जारी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते के प्रस्ताव में कुछ बदलावों की मांग की है। दूसरी ओर, ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ का कहना है कि जब तक ईरान के अधिकारों की पूरी रक्षा नहीं होती, वे किसी भी समझौते को मंजूर नहीं करेंगे। उन्होंने साफ किया कि वे दूसरों के वादों पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि इस मार्ग से उड़ानों और व्यापार पर सीधा असर पड़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में 1 जून 2026 को क्या हुआ?

कुवैत के एयर डिफेंस ने सुबह-सुबह कई संदेहास्पद ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। इस हमले में एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर नुकसान हुआ है और 7 लोग घायल हुए हैं।

कुवैत सरकार ने इस हमले पर क्या कदम उठाया है?

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। सरकार ने साफ किया है कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.