Kuwait में ईरान का हमला, गल्फ देशों के बुनियादी ढांचे पर स्ट्राइक से कुवैत ने जताई कड़ी आपत्ति.

कुवैत ने हाल ही में ईरान द्वारा गल्फ देशों के बुनियादी ढांचे और समुद्री ठिकानों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैत के राजदूत Khaled Al-Yassin ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों के खिलाफ बताया है। इस घटना के बाद से खाड़ी के देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और आम लोगों के साथ-साथ वहां रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
समुद्री जहाजों और बंदरगाहों को बनाया गया निशाना
बीते 15 अगस्त 2026 को तनाव तब और बढ़ गया जब यूएई की कंपनी ADNOC के जहाजों पर होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला किया गया। यूके मैरीटाइम बॉडी ने भी इस इलाके में एक कार्गो जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमले की पुष्टि की है। कुवैत और बहरीन ने इस हमले के बाद तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी और युद्ध जैसी गतिविधियों को तुरंत रोकने की मांग की। पिछले कुछ महीनों में कुवैत के हवाई अड्डों, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सरकारी इमारतों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।
प्रवासियों और वैश्विक व्यापार पर असर
इस तरह के हमलों से न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो रहा है बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। गल्फ देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय और अन्य प्रवासी इन हालातों को लेकर काफी चिंतित हैं क्योंकि किसी भी क्षेत्रीय तनाव का सीधा असर आम नौकरीपेशा लोगों की सुरक्षा और काम पर पड़ता है। इंडोनेशिया जैसे क्षेत्रीय देशों ने भी इस संकट पर चिंता जताई है और शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक बातचीत पर जोर दिया है ताकि इलाके में फिर से अमन-चैन कायम हो सके।