कुवैत सरकार ने ईरान द्वारा किए गए बार-बार हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैत की कैबिनेट ने इसे देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुवैत की सेना को पूरी तरह तैयार रहने का आदेश दिया गया है।
Kuwait News Agency (KUNA) की रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत की कैबिनेट ने ईरान की सैन्य कार्रवाई पर कड़ा गुस्सा जताया है। सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का उल्लंघन माना है।
रक्षा मंत्री Sheikh Abdullah Ali Abdullah Al-Salem Al-Sabah ने इस मामले पर इमरजेंसी ब्रीफिंग दी। उन्होंने बताया कि ईरान के हमलों के बाद कुवैत की सेना को पीक ऑपरेशनल रेडिनेस यानी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कुवैत ने उन हमलों की भी निंदा की है जिनमें ईरान ने Bahrain के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। सरकार ने साफ किया कि वह अपनी जमीन, सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखती है।
इससे पहले 28 जून 2026 को भी विदेश मंत्रालय ने KUNA के जरिए इन हमलों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। कुवैत का कहना है कि इस तरह की हरकतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशों को नाकाम करती हैं और अंतरराष्ट्रीय इच्छाशक्ति को सीधी चुनौती देती हैं।
