कुवैत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को दक्षिणी लेबनान पर इजरायली सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है। सरकार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया है। कुवैत का मानना है कि इस तरह के हमले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 के खिलाफ हैं, जो लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कहता है। इस क्षेत्रीय विवाद का असर अब धीरे-धीरे आसपास के देशों पर भी दिखने लगा है, जिससे खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल है।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस बढ़ते विवाद को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए। कुवैत ने लेबनान के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है और कहा है कि इस तरह के लगातार हमले पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए सीधा खतरा हैं। सरकार का जोर इस बात पर है कि संयुक्त राष्ट्र के नियमों का सख्ती से पालन हो ताकि हालात और न बिगड़ें।

हमले से लेबनान में क्या है ताजा स्थिति?

मार्च की शुरुआत से लेकर अब तक इन हमलों के कारण लेबनान में स्थिति काफी गंभीर हो चुकी है। अब तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारी नुकसान दर्ज किया गया है।

  • इजरायली सेना ने लिटानी नदी पर बने जरारियेह पुल को निशाना बनाया है, जो नागरिक बुनियादी ढांचे पर एक बड़ा हमला है।
  • लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अब तक 634 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 91 बच्चे शामिल हैं।
  • जहरानी नदी के दक्षिण में रहने वाले लोगों को तुरंत जगह खाली करने के आदेश दिए गए हैं।
  • लगातार हो रहे हमलों की वजह से लेबनान के भीतर करीब 8 लाख लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हुए हैं।
  • हालात को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया सहित कुछ विदेशी दूतावासों ने अपने गैर-जरूरी राजनयिकों को लेबनान छोड़ने का निर्देश दिया है।

कुवैत और प्रवासियों पर क्या असर पड़ रहा है?

लेबनान में चल रहे इस तनाव का असर अब क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान कुवैत में भी सुरक्षा से जुड़ी कुछ घटनाएं सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईंधन टैंक जैसे महत्वपूर्ण ढांचे पर ड्रोन हमले की खबर है। इससे कुवैत में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के बीच यात्रा और सुरक्षा को लेकर थोड़ी चिंता बढ़ी है। हालांकि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आम लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।