कुवैत ने लेबनान के खिलाफ इसराइली सेना के बढ़ते सैन्य हमले और जमीनी घुसपैठ की कड़ी निंदा की है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस कार्रवाई को लेबनान की संप्रभुता और सुरक्षा का खुला उल्लंघन बताया है। 1 जून 2026 को जारी इस बयान में कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तुरंत दखल देने की मांग की है। वहीं, इस तनाव के बीच कुवैत ने अपनी हवाई सुरक्षा को भी अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने जारी किया कड़ा बयान

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसराइल का यह सैन्य कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सीधा उल्लंघन है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि इस तरह के हमले क्षेत्र की स्थिरता को पूरी तरह से बिगाड़ सकते हैं। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह इसराइल को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करे। इसके अलावा, कुवैत के सुरक्षा बलों ने 1 जून 2026 को देश में मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए अपने एयर डिफेंस सिस्टम को भी सक्रिय किया क्योंकि क्षेत्र में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है।

लेबनान और वैश्विक नेताओं की क्या है प्रतिक्रिया?

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस हमले को बेहद क्रूर बताया है और कहा है कि वे अपने लोगों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। वहीं, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने तत्काल युद्धविराम की मांग करते हुए इसराइल पर सामूहिक सजा देने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों ने भी इस जमीनी हमले पर चिंता जताई है। ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने इसराइल से पीछे हटने और हिजबुल्लाह से हमले रोकने की अपील की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस मामले में बातचीत के जरिए शांति का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

क्षेत्र में क्यों बढ़ रहा है इतना तनाव?

इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी जमीनी कार्रवाई को तेज कर दिया है और ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट कैसल पर कब्जा करने का दावा किया है। इस टकराव के बीच खाड़ी देशों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुवैत ने साफ किया है कि किसी भी देश की सीमा में इस तरह की घुसपैठ को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी दौरान कुवैती एयर डिफेंस द्वारा कुछ मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट करने की खबरें भी आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत ने लेबनान पर इसराइली हमले का विरोध क्यों किया?

कुवैत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इसराइल का जमीनी हमला लेबनान की संप्रभुता, सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सीधा उल्लंघन है, जो नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।

इस पूरे मामले पर अमेरिका और अन्य देशों का क्या रुख है?

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस मामले में बातचीत के जरिए तनाव कम करने की योजना पर काम कर रहे हैं, जबकि ब्रिटेन और जर्मनी ने इसराइल की जमीनी सैन्य कार्रवाई पर गहरी चिंता जताई है।