13 मई 2026 को इसराइल के एक मंत्री और कुछ सेटलर्स ने अल-अक्सा मस्जिद परिसर में जबरन एंट्री की। इस घटना के बाद मुस्लिम देशों में काफी गुस्सा है। कुवैत, कतर और जॉर्डन ने इस हरकत की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का बड़ा उल्लंघन बताया है।

इस घटना में कौन शामिल था और क्या हुआ?

इस हरकत को अंजाम देने वाले मंत्री का नाम Yitzhak Wasserlauf है, जो कट्टरपंथी Otzma Yehudit पार्टी के सदस्य हैं। उन्होंने सेटलर्स के साथ मस्जिद परिसर में प्रवेश किया। इसके अलावा 9 अन्य मंत्रियों और 13 सांसदों ने भी 15 मई को “Jerusalem Day” के मौके पर सेटलर्स से वहां जाने की अपील की थी।

कुवैत और अन्य देशों ने क्या कहा?

  • Kuwait Foreign Ministry: कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया और इसकी कड़ी निंदा की।
  • Qatar: कतर के विदेश मंत्रालय ने 13 मई को इस घटना पर आपत्ति जताई और इसे दुनिया भर के मुस्लिमों को उकसाने वाली कार्रवाई कहा।
  • Jordan: जॉर्डन ने चेतावनी दी कि इसराइली मंत्री की यह हरकत वहां के पुराने कानूनी और ऐतिहासिक नियमों के खिलाफ है।

UN की रिपोर्ट में गाजा पुलिस पर हमलों का जिक्र

United Nations के मानवाधिकार कार्यालय ने गाजा पट्टी में पुलिसकर्मियों पर बढ़ते हमलों की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच ऐसे 6 हमले हुए, जिनमें 26 पुलिसकर्मी मारे गए। UN ने साफ किया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अल-अक्सा मस्जिद परिसर में किसने प्रवेश किया

13 मई 2026 को इसराइली मंत्री Yitzhak Wasserlauf और कुछ सेटलर्स ने मस्जिद परिसर में प्रवेश किया था।

कुवैत और अन्य देशों ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी

कुवैत, कतर और जॉर्डन ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया।