कुवैत सरकार ने अपने देश पर हुए बार-बार के ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। शनिवार तड़के हुए हालिया हमले को कुवैत ने अपनी संप्रभुता और सुरक्षा पर सीधा हमला बताया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि ये हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं।

कुवैत ने ईरान के हमलों पर क्या चिंता जताई है?

कुवैत न्यूज़ एजेंसी द्वारा जारी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, शनिवार सुबह हुआ यह हमला पूरी तरह से आक्रामकता का प्रतीक है। सरकार ने कहा कि इन हमलों से नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों के जीवन को सीधा खतरा पैदा हो रहा है। कुवैत ने साफ तौर पर कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय अपीलों की अनदेखी कर रहा है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है।

अंतरराष्ट्रीय नियमों और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन

कुवैती मंत्रालय ने जानकारी दी है कि यह हमला कुवैत की क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का खुला उल्लंघन है। कुवैत ने इस मामले को लेकर वैश्विक स्तर पर अपनी आवाज उठाई है और सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्धता जताई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत पर हालिया हमला कब हुआ था?

कुवैत सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की तरफ से यह हालिया हमला शनिवार तड़के किया गया था।

कुवैत ने सुरक्षा परिषद के किस प्रस्ताव के उल्लंघन की बात कही है?

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने बयान दिया है कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का सीधा उल्लंघन है।