पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में एक सुरक्षा चेकपोस्ट को निशाना बनाया गया जिससे कई पुलिसकर्मियों की जान चली गई। कुवैत ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है।
बन्नू हमले में कितना नुकसान हुआ और कैसे हुआ हमला
यह हमला बन्नू जिले के फतेह खेल चेकपोस्ट पर हुआ। एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक से भरी गाड़ी को चेकपोस्ट में टक्कर मारी। बम निरोधक दस्ते के मुताबिक इस हमले में करीब 1,200 से 1,500 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। इस धमाके से चेकपोस्ट पूरी तरह तबाह हो गया और आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। इस हमले में 15 से 21 पुलिस अधिकारियों की मौत हुई और 3 से 5 अन्य घायल हुए। बताया गया है कि हमलावरों ने फायरिंग के साथ-साथ क्वाडकॉप्टर ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। ‘इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान’ नाम के एक नए समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
Kuwait ने हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी
कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) और विदेश मंत्रालय ने इस खूनी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। कुवैत ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वह इस आतंकी कृत्य के खिलाफ पाकिस्तान के साथ मजबूती से खड़ा है। कुवैत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान को अपना अटूट समर्थन देने का भरोसा दिलाया है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने क्या कहा
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस हमले की निंदा की और शहीद पुलिसकर्मियों के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन के तहत सुरक्षित ठिकानों से संचालित आतंकी नागरिकों और कानून को निशाना बना रहे हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी गहरा दुख जताया और देश से हर तरह के आतंकवाद को खत्म करने का संकल्प लिया। उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा सरकार को शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल अफरीदी ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बन्नू हमले की जिम्मेदारी किसने ली है
इस हमले की जिम्मेदारी ‘इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान’ नाम के समूह ने ली है। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का ही एक हिस्सा है।
हमले में कितने पुलिसकर्मी मारे गए
डिपुटी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस सज्जाद खान के अनुसार इस आत्मघाती हमले में कम से कम 15 से 21 पुलिस अधिकारियों की जान गई और कुछ अन्य घायल हुए।
