Kuwait में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि वहां की सेना ने 19 जुलाई 2026 को ईरान से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की है। ईरानी सेना ने दावा किया कि उनके ड्रोन हमलों ने Camp Al Adiri में गोला-बारूद के डिपो और Ali Al Salem Air Base पर मौजूद Patriot मिसाइल सिस्टम और रडार को निशाना बनाया है। इस दौरान अमेरिका ने ईरान पर लगातार आठवें दिन जवाबी हवाई हमले किए हैं।

नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे पर असर

क्षेत्र में लगातार हमले जारी हैं। इससे पहले 18 जुलाई को एक महत्वपूर्ण तेल सुविधा केंद्र, Kuwait Petroleum Corporation पर भी हमला हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हुए और काफी नुकसान पहुंचा। इन हमलों के कारण कुवैत के कई हिस्सों में डिसेलिनेशन प्लांट और एयरपोर्ट ऑपरेशंस भी प्रभावित हुए हैं। कुवैती सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने बताया कि उनके डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया था।

शांति बहाली की अपील

Saudi Arabia ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे नागरिक सुविधाओं के लिए खतरा बताया है। बढ़ते तनाव के बीच Pakistan और Kuwait ने अमेरिका और ईरान से जून में हुए Memorandum of Understanding का पालन करने की अपील की है। इस समझौते का मकसद विवाद को कम करना और क्षेत्र में शांति बनाए रखना है। फिलहाल वहां रह रहे लोगों और प्रवासियों के लिए सुरक्षा के लिहाज से हालात गंभीर बने हुए हैं।

Sushma Kumari

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