Kuwait ने Iraq सरकार से अपने Basra स्थित वाणिज्य दूतावास पर हुए हमलों के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है। 14 जुलाई 2026 को कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया। बीते 12 जुलाई 2026 को दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद से तनाव बढ़ गया है।
नियमों का उल्लंघन और कुवैत की मांग
कुवैत ने 1963 Vienna Convention का हवाला देते हुए इराक को याद दिलाया कि दूतावासों की सुरक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। कुवैत का आरोप है कि केवल दूतावास ही नहीं, बल्कि उनके बॉर्डर पोस्ट और समुद्री तेल प्लेटफॉर्म पर भी हमले हुए हैं। कुवैत ने इन हमलों के पीछे ईरान और ईरान समर्थित मिलिशिया का हाथ होने का सीधा आरोप लगाया है।
इराक की प्रतिक्रिया और जांच
इराक के प्रधानमंत्री Ali Falih Al-Zaidi ने दूतावास पर हुए हमले की निंदा की है और इसकी जांच के लिए एक कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। वहीं, इराक ने कुवैती कोस्ट गार्ड द्वारा एक इराकी मछुआरे Najm Abdullah Khalid की हत्या का मुद्दा उठाया है, जिसे इन विरोध प्रदर्शनों की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। UAE ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए राजनयिकों की सुरक्षा के लिए इराक से ठोस कदम उठाने की अपील की है।
