कुवैत के सहकारी समितियों (cooperative societies) में दुकानों के किराये को लेकर एक बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है. कुछ चालाक निवेशकों ने बहुत कम दाम में दुकानें किराए पर लीं और फिर उन्हें ऊंचे दामों पर दूसरों को किराए पर चढ़ा दिया. इस खेल की वजह से सरकारी खजाने और समितियों को करोड़ों दीनार का नुकसान हुआ है, जिसके बाद अब सोशल अफेयर्स मिनिस्ट्री ने सख्त एक्शन शुरू कर दिया है.

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किराये के खेल में कैसे हुआ करोड़ों का नुकसान?

सोशल अफेयर्स मिनिस्ट्री के इंस्पेक्टरों ने जांच में पाया कि कुछ निवेशकों ने मिलीभगत करके दुकानों को मात्र 1,500 KD मासिक किराये पर लिया. इसके बाद उन्होंने इन दुकानों को अवैध रूप से 6,000 से 10,000 KD प्रति माह के किराये पर आगे दे दिया. यह काम कई सालों से चल रहा था, जिससे समितियों की कमाई में भारी गिरावट आई. जांच में यह भी पता चला है कि इसमें कुछ निवेशकों के करीबी रिश्तेदार भी शामिल थे, जिससे हितों का टकराव (conflict-of-interest) हुआ.

भ्रष्टाचार पर सरकार का बड़ा प्रहार और कानूनी कार्रवाई

सोशल अफेयर्स, फैमिली और चाइल्डहुड अफेयर्स की मंत्री डॉ. अमथल अल-हुवैलह ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है. मंत्रालय की कंट्रोल टीमों ने कई वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियों को पकड़ा है, जिसके बाद चार बोर्ड सदस्यों को उनके पदों से हटा दिया गया. इन मामलों को कानूनी कार्रवाई के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन (Public Prosecution) को भेज दिया गया है. सरकार अब एक डिजिटल सिस्टम ला रही है जिससे सभी सहकारी समितियों की निगरानी ऑटोमैटिक तरीके से होगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी.

भ्रष्टाचार और कार्रवाई का पूरा हिसाब-किताब

मंत्रालय द्वारा की गई अब तक की कार्रवाई और पकड़े गए गड़बड़ियों का विवरण नीचे टेबल में दिया गया है:

विवरण संख्या / जानकारी
कुल रेफर किए गए लोग 215
पकड़े गए कुवैती नागरिक 97
पकड़े गए प्रवासी (Expats) 118
जांच के दायरे में ऑडिटर्स 19
भंग किए गए बोर्ड 15
दुकान का कम किराया (मूल) 1,500 KD
सबलेटिंग किराया (अवैध) 6,000 से 10,000 KD

इस कार्रवाई से उन प्रवासियों और व्यापारियों के लिए चेतावनी है जो नियमों के खिलाफ जाकर बिजनेस कर रहे हैं. सरकार ने साफ कर दिया है कि शेयरधारकों के निवेश की रक्षा की जाएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सहकारी समितियों में किराये का घोटाला क्या था?

कुछ निवेशकों ने 1,500 KD में दुकानें किराए पर लीं और उन्हें अवैध रूप से 6,000 से 10,000 KD प्रति माह पर दूसरों को किराए पर दे दिया, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ।

इस मामले में अब तक कितने लोगों पर कार्रवाई हुई है?

अब तक कुल 215 लोगों को पब्लिक प्रॉसिक्यूशन भेजा गया है, जिनमें 97 कुवैती और 118 प्रवासी शामिल हैं। साथ ही 15 सहकारी समितियों के बोर्ड भंग किए गए हैं।