कुवैत की कोर्ट ऑफ अपील्स ने एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए सात महीने की बच्ची की मौत के आरोपी कुवैती नागरिक की सज़ा कम कर दी है. पहले इस व्यक्ति को आपराधिक न्यायालय ने 5 साल की जेल की सज़ा सुनाई थी, जिसे अब घटाकर 2 साल कर दिया गया है. अदालत ने यह भी कहा कि 200 कुवैती दीनार की जमानत राशि भरने पर इस सज़ा को निलंबित किया जा सकता है.

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बच्ची की मौत का मामला क्या था?

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर रहा था, उसी दौरान उसने अपनी सात महीने की बेटी को जानबूझकर मारा, जिससे बच्ची की मौत हो गई. उस व्यक्ति पर बाल उपेक्षा और घरेलू हिंसा के भी गंभीर आरोप लगाए गए थे. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए निचली अदालत ने पहले उसे 5 साल की जेल भेजा था.

वकील ने अदालत में क्या दलीलें दीं?

बचाव पक्ष के वकील Nawaf Al-Wuhaib ने दलील दी कि आरोपी की मंशा बच्ची को नुकसान पहुँचाने की नहीं थी, इसलिए इसे हत्या का मामला नहीं माना जाना चाहिए. उन्होंने इसे गैर-इरादतन हत्या बताया और कहा कि कथित कबूलनामा शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दबाव में लिया गया था. वकील ने फॉरेंसिक रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए और इसे वैज्ञानिक सिद्धांतों के खिलाफ बताया.

कोर्ट ऑफ अपील्स का अंतिम फैसला क्या रहा?

22 अप्रैल, 2026 को आए इस फैसले में कोर्ट ऑफ अपील्स ने 5 साल की सज़ा को रद्द कर 2 साल की कैद कर दिया. कोर्ट ने आरोपी को 200 कुवैती दीनार (KD) का मुचलका भरने की अनुमति दी, जिसके बाद सज़ा निलंबित हो सकती है. बचाव पक्ष ने मामले की गहराई से जाँच के लिए जांच अधिकारी और फॉरेंसिक डॉक्टर को बुलाने की मांग भी की थी.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.