कुवैत की कोर्ट ऑफ सेशन ने ड्राइविंग लाइसेंस फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले में अंतिम फैसला सुनाया है। अदालत ने जहारा ट्रैफिक डिपार्टमेंट के एक कर्नल और आठ प्रवासियों को दोषी मानते हुए चार साल की कैद और कड़ी मेहनत की सजा दी है। सजा पूरी होने के बाद इन सभी आठ प्रवासियों को कुवैत से हमेशा के लिए डिपोर्ट कर दिया जाएगा। यह फैसला 12 फरवरी 2026 को सुनाया गया है।

ℹ️: Kuwait Online Scam: गूगल सर्च कर बिल भरना पड़ा भारी, प्रवासी के खाते से निकले 308 KD

किस तरह हुआ था यह फर्जीवाड़ा?

जांच में पाया गया कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के बदले में रिश्वत और महंगे उपहार लिए जा रहे थे। कर्नल ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए नियमों को ताक पर रखकर लाइसेंस बनवाए थे। दोषी पाए गए आठ प्रवासियों ने अवैध तरीके से लाइसेंस हासिल करने के लिए पैसे दिए थे। इस मामले में कर्नल को जालसाजी और प्रवासियों को रिश्वत देने का दोषी पाया गया है। सजा के साथ ही कर्नल को उनकी नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया है।

कोर्ट के फैसले में क्या खास है?

यह फैसला कुवैत की सबसे बड़ी अदालत ने दिया है, जिसने निचली अदालतों के फैसले को बरकरार रखा है। इससे पहले क्रिमिनल कोर्ट और कोर्ट ऑफ अपील ने भी यही सजा सुनाई थी। अब इस फैसले के बाद दोषियों के पास अपील का कोई रास्ता नहीं बचा है। प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी पदों पर बैठकर भ्रष्टाचार करने वालों और गलत तरीके से दस्तावेज बनवाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.