कुवैत की कोर्ट ऑफ अपील ने एक कड़ा संदेश देते हुए एक्टिविस्ट सलमान अल-खालिदी की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने चार अलग-अलग मामलों में कुल 20 साल की कैद का फैसला सुनाया है। उन पर सोशल मीडिया के जरिए कुवैत के अमीर का अपमान करने और पड़ोसी देश सऊदी अरब के खिलाफ भड़काऊ बातें लिखने का आरोप था। यह फैसला हाल ही में आया है और स्थानीय मीडिया में इसकी पुष्टि हो गई है।

किन आरोपों में हुई 20 साल की सजा

कोर्ट ने पाया कि सलमान अल-खालिदी ने जानबूझकर कुवैत के अमीर और न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया। सुरक्षा कानून के तहत उन पर निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए:

  • अमीर का अपमान: राज्य सुरक्षा कानून की धारा 25 के तहत अमीर के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग।
  • सऊदी अरब के खिलाफ टिप्पणी: धारा 4 के तहत विदेशी राज्य (सऊदी अरब) के साथ रिश्ते खराब करने की कोशिश।
  • न्यायपालिका की मानहानि: जजों और कोर्ट के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करना।

हर मामले में पांच-पांच साल की सजा दी गई है जो कुल मिलाकर 20 साल बनती है। कोर्ट ने साफ कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ नरमी नहीं बरती जाएगी।

इराक से गिरफ्तारी और नागरिकता पर एक्शन

सलमान अल-खालिदी पहले ब्रिटेन में रहते थे लेकिन जनवरी 2025 में उन्हें इराक से गिरफ्तार करके कुवैत लाया गया था। कुवैत सरकार ने अप्रैल 2024 में ही एक डिक्री के जरिए उनकी कुवैती नागरिकता रद्द कर दी थी। अधिकारियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब देश के प्रतीकों का अपमान करना नहीं है। इस 20 साल की सजा के अलावा, उन पर पहले से ही 15 साल और 10 साल की अन्य सजाएं भी चल रही हैं, जिससे उनकी जेल की अवधि और लंबी हो सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.