कुवैत की अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। राज्य सुरक्षा सर्किट की कोर्ट ऑफ अपील्स ने एक कुवैती नागरिक को बरी करने वाले पुराने फैसले को पलट दिया है। अब इस व्यक्ति को चार साल की जेल की सजा सुनाई गई है। यह मामला सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट डालने से जुड़ा था।

आरोपी नागरिक पर क्या आरोप लगे थे?

काउंसलर अब्दुल्ला अल-सानी की अध्यक्षता वाली अदालत ने 28 अप्रैल 2026 को यह फैसला सुनाया। आरोपी पर आरोप था कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके कुवैत के अमीरात की तौहीन की थी। इसके साथ ही उसने हूती आंदोलन और अंसार अल्लाह समूह की विचारधारा को बढ़ावा देने का काम किया था। कोर्ट ने इन आरोपों को सही पाया और उसे सजा सुनाई।

अन्य मामलों में कोर्ट ने क्या कहा?

अदालत ने इस मामले के अलग-अलग हिस्सों पर अलग फैसले दिए हैं। कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • खलीज देशों से जुड़ा मामला: कोर्ट ने उन आरोपों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि आरोपी ने खलीज देशों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण कार्य किए थे। इस मामले में उसे बरी रखा गया।
  • प्रवासी के साथ मारपीट: एक अलग मामले में, अमीरात की तौहीन और एक प्रवासी (expat) के साथ मारपीट करने के जुर्म में उसे 2 साल की जेल और 3 साल की सस्पेंडेड सजा मिली है।
  • पुराना फैसला पलटा: पहले क्रिमिनल कोर्ट ने दूसरे मामले में समझौते के आधार पर आरोपी को बरी कर दिया था, लेकिन अब अपील कोर्ट ने उस फैसले को बदल दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैती नागरिक को कुल कितनी सजा सुनाई गई है?

आरोपी को अमीरात की तौहीन और हूती विचारधारा फैलाने के लिए 4 साल की जेल हुई है। इसके अलावा, एक प्रवासी के साथ मारपीट और अमीरात की तौहीन के लिए उसे 2 साल की जेल और 3 साल की सस्पेंडेड सजा मिली है।

यह फैसला किस तारीख को और किस कोर्ट ने सुनाया?

यह फैसला 28 अप्रैल 2026 को राज्य सुरक्षा सर्किट की कोर्ट ऑफ अपील्स ने सुनाया, जिसकी अध्यक्षता काउंसलर अब्दुल्ला अल-सानी कर रहे थे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.