Kuwait Criminal Court: हिज्बुल्लाह को पैसा भेजने के मामले में कुवैत ने सुनाई जेल की सजा, एक नागरिक की नागरिकता भी रद्द.
कुवैत की एक अदालत ने प्रतिबंधित संगठन हिज्बुल्लाह की मदद करने वाले लोगों पर बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में कोर्ट ने कई कुवैती नागरिकों को लंबी जेल की सजा सुनाई है और एक आरोपी की नागरिकता भी खत्म करने का फैसला सुनाया है। कुवैत सरकार अवैध तरीके से पैसा भेजने वाले नेटवर्क को खत्म करने के लिए इन दिनों काफी सख्ती बरत रही है ताकि देश की सुरक्षा बनी रहे और कोई भी कानून के साथ खिलवाड़ न कर सके।
अदालत का फैसला और आरोपियों को मिली सजा
कुवैत की क्रिमिनल कोर्ट ने 9 अप्रैल 2026 को इस मामले में अपना बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने दो आरोपियों को 10-10 साल की कड़ी जेल की सजा दी है, जबकि एक अन्य व्यक्ति को कम समय के लिए जेल भेजा गया है। जांच में यह सामने आया कि ये लोग हिज्बुल्लाह के लिए पैसा इकट्ठा करने और उनके साथ गुप्त तालमेल बिठाने के कामों में शामिल थे। कोर्ट ने सजा के साथ-साथ एक अपराधी की कुवैती नागरिकता को भी रद्द करने का आदेश दिया है जो एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।
आतंकवादी फंडिंग को लेकर कुवैत के कड़े नियम
कुवैत में हिज्बुल्लाह को एक प्रतिबंधित और अपराधी संगठन माना जाता है जो देश की सरकारी व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करता है। कुवैत सरकार ने हाल के महीनों में संदिग्ध पैसों के लेन-देन पर अपनी निगरानी काफी बढ़ा दी है। फरवरी 2026 में ही कुवैत ने लेबनान के 8 अस्पतालों को अपनी नेशनल टेररिज्म लिस्ट में शामिल किया था क्योंकि उनके तार टेरर फंडिंग से जुड़े पाए गए थे। कुवैत में रहने वाले लोगों के लिए कुछ जरूरी कानूनी बातें यहाँ दी गई हैं:
- किसी भी बैन किए गए संगठन को आर्थिक मदद देना कुवैत में गंभीर अपराध माना जाता है।
- हिज्बुल्लाह जैसे समूहों के साथ किसी भी तरह का संपर्क रखना जेल की सजा दिला सकता है।
- सऊदी अरब और यूएई सहित पूरे खाड़ी देशों में इस संगठन को प्रतिबंधित किया गया है।
- बैंक से बाहर होने वाले संदिग्ध लेन-देन पर कुवैती सुरक्षा एजेंसियां बारीकी से नजर रख रही हैं।
- कुवैती कानून के तहत देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर नागरिकता छीनी जा सकती है।




