कुवैत में राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मामलों की विशेष अदालत में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के चार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा शुरू होने जा रहा है। इन अधिकारियों पर कुवैत में अवैध रूप से घुसने, तोड़फोड़ की साजिश रचने और हत्या के प्रयास के गंभीर आरोप लगे हैं। कुवैती सुरक्षा बलों ने इन्हें मई की शुरुआत में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अब अदालत इस मामले में अपनी पहली सुनवाई करने जा रही है।
कुवैत में कब और कैसे हुई थी इन ईरानी अधिकारियों की गिरफ्तारी?
कुवैत की सेना ने 3 मई 2026 को बुबियां द्वीप के पास से इन चार ईरानी अधिकारियों को पकड़ा था। कुवैत के लोक अभियोजन विभाग के अनुसार, इन लोगों ने देश की सुरक्षा और सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। इन पर कुवैती सुरक्षाकर्मियों पर हमले का भी आरोप है। हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके अधिकारी समुद्री गश्त पर थे और जीपीएस खराब होने की वजह से गलती से कुवैत की जल सीमा में चले गए थे।
कुवैत के नए सख्त कानूनों के तहत चलेगा यह पूरा मुकदमा
इस मुकदमे की सुनवाई कुवैत की स्टेट सिक्योरिटी कोर्ट में जज नासिर अल-बद्र की अध्यक्षता में की जाएगी। कुवैत ने मार्च 2026 में डिक्री कानून संख्या 47 और डिक्री कानून संख्या 13 लागू किया है। इन नए नियमों के तहत आतंकवाद से जुड़े मामलों का निपटारा जल्द करने के लिए विशेष अदालतें बनाई गई हैं, जिनमें केवल कुवैती जज ही फैसला सुना सकते हैं। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम अल बुदैवी ने भी कुवैत की सुरक्षा में इस सेंधमारी की कोशिश की कड़ी निंदा की है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और हालिया घटनाक्रम
इस अदालती मामले के बीच खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव भी काफी बढ़ गया है। एक तरफ जहां ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने कुवैत के दावों को बेबुनियाद बताया है, वहीं दूसरी तरफ 10 जून 2026 को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत में पकड़े गए ईरानी अधिकारियों पर क्या आरोप हैं?
इन अधिकारियों पर कुवैत की सीमा में अवैध रूप से प्रवेश करने, सैन्य ठिकानों पर तोड़फोड़ की साजिश रचने और कुवैती सुरक्षाकर्मियों की हत्या की कोशिश करने के आरोप लगे हैं।
इस पूरे मामले पर ईरान सरकार का क्या कहना है?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है और दावा किया है कि तकनीकी खराबी के कारण उनके सुरक्षाकर्मी गलती से कुवैती सीमा में चले गए थे।
