कुवैत की कोर्ट ने नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ऑफ अपील ने तीन ईरानी नागरिकों की मौत की सजा को बरकरार रखा है. इन लोगों को भारी मात्रा में ड्रग्स कुवैत लाने का दोषी पाया गया था और यह पूरी कार्रवाई तट रक्षक बल यानी Coast Guard की सतर्कता से मुमकिन हुई.

कितनी ड्रग्स पकड़ी गई और कैसे हुआ खुलासा

इस मामले में आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए थे. जांच में पाया गया कि इन तीन ईरानी नागरिकों ने 120 किलोग्राम से ज्यादा हशीश और 10,000 साइकोट्रोपिक गोलियां कुवैत में तस्करी करने की कोशिश की थी. Coast Guard ने इन संदिग्धों को रंगे हाथों पकड़ा था, जिसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा और अब कोर्ट ऑफ अपील ने इनकी मौत की सजा को सही ठहराया है.

कुवैत का नया ड्रग कानून और भारी जुर्माना

कुवैत सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ बहुत सख्त कानून बनाए हैं. दिसंबर 2025 से लागू हुए Decree-Law No. 159/2025 के तहत अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी करने वालों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है. इसके अलावा कानून में भारी जुर्माने की भी व्यवस्था है:

  • दोषियों पर 1 लाख कुवैती दीनार (KD 100,000) से लेकर 20 लाख कुवैती दीनार (KD 2 million) तक का जुर्माना लग सकता है.
  • जुर्माने की राशि पकड़े गए ड्रग्स की कुल कीमत के बराबर भी हो सकती है.
  • पब्लिक प्रोसिक्यूशन को सभी ड्रग मामलों की जांच और मुकदमा चलाने का पूरा अधिकार दिया गया है.

क्या पहले भी ऐसे फैसले आए हैं

कुवैत में ड्रग्स के खिलाफ यह पहली बार नहीं है जब इतनी सख्त सजा सुनाई गई हो. इससे पहले 11 फरवरी 2026 को भी पांच ईरानी नागरिकों को मौत की सजा सुनाई गई थी. इसी तरह 17 दिसंबर 2025 को कोर्ट ऑफ अपील ने चार अन्य ईरानियों की मौत की सजा बरकरार रखी थी, जिन्होंने 322 किलोग्राम हशीश तस्करी करने की कोशिश की थी. इन सभी ऑपरेशन्स में Drug Control General Department और Coast Guard की मुख्य भूमिका रही है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में ड्रग्स तस्करी की सजा क्या है

नए कानून Decree-Law No. 159/2025 के तहत बड़े स्तर पर ड्रग तस्करी करने वालों को मौत की सजा दी जा सकती है और उन पर 1 लाख से 20 लाख कुवैती दीनार तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

इस ताजा मामले में कितना नशीला पदार्थ पकड़ा गया

Coast Guard ने तीन ईरानी नागरिकों से 120 किलोग्राम से अधिक हशीश और 10,000 साइकोट्रोपिक गोलियां बरामद की थीं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.