कुवैत की सबसे बड़ी अदालत ने सरकार के उस फैसले पर मुहर लगा दी है, जिसमें ‘विशेष पेंशन’ (Exceptional Pensions) में कटौती की बात कही गई थी। कोर्ट ऑफ कैसेशन के तीसरे प्रशासनिक सर्किट ने 19 फरवरी, 2026 को यह अहम फैसला सुनाया है। इसके तहत सरकार द्वारा कैबिनेट के फैसले नंबर 294/2025 को कानूनी रूप से सही माना गया है और यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य को सार्वजनिक धन के प्रबंधन का पूरा अधिकार है।

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पूर्व जजों ने की थी अपील

इस मामले में 10 पूर्व जजों ने अदालत में अपील दायर की थी। वे चाहते थे कि सरकार के पेंशन कम करने के फैसले को रद्द किया जाए। उन्होंने सरकार के इस कदम को ‘सत्ता का दुरुपयोग’ बताते हुए 10,000 कुवैती दिनार के मुआवजे की भी मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि सरकार के पास आर्थिक हालात के हिसाब से खर्चों को तय करने और उसमें बदलाव करने का पूरा अधिकार सुरक्षित है।

क्या है कानून और नियम?

अदालत ने सामाजिक सुरक्षा कानून के अनुच्छेद 80 का हवाला दिया। इसके मुताबिक, कैबिनेट के पास विशेष पेंशन देने और बाद में उसकी समीक्षा करने या बदलने की शक्ति है। कोर्ट का कहना है कि ‘हासिल की गई कानूनी स्थिति’ (acquired legal status) की रक्षा करना हमेशा जरूरी नहीं होता, खासकर जब बात जनहित और सरकारी खजाने को संभालने की हो। जिन लोगों की पेंशन में कटौती हुई है, उन्हें ‘Sahel App’ के जरिए पहले ही सूचित कर दिया गया था और यह बदलाव 1 मई, 2025 से प्रभावी हो चुका है।

  • कोर्ट का नाम: कोर्ट ऑफ कैसेशन (तीसरा प्रशासनिक सर्किट)
  • फैसला तारीख: 19 फरवरी, 2026
  • प्रभावित लोग: विशेष पेंशन पाने वाले पूर्व उच्च अधिकारी
  • लागू होने की तारीख: 1 मई, 2025
  • सूचना का माध्यम: सहेल ऐप (Sahel App)
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.