कुवैत की अपील अदालत ने राज्य की सुरक्षा और साइबर उल्लंघन के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एक कुवैती नागरिक की 3 साल की जेल और 10 हजार दीनार जुर्माने की सजा को बरकरार रखा है। यह मामला सरकारी सिस्टम में बिना अनुमति घुसने और गोपनीय सैन्य जानकारी निकालने से जुड़ा है।

कुवैत में साइबर ब्रीच मामले में क्या हुआ?

अदालत ने पाया कि आरोपी व्यक्ति National Military Service Authority में एक सिपाही के तौर पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसने गलत तरीके से Ministry of Defense के ऑटोमेटेड सिस्टम को एक्सेस किया। इस गैरकानूनी तरीके से उसने सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल की थी, जिसके बाद उस पर कार्रवाई की गई।

अदालत ने सजा कैसे तय की?

इस केस की सुनवाई Counselor Abdullah Al-Sane की अध्यक्षता में हुई। उनके साथ Counselor Meshaal Al-Mutawa और Counselor Saud Al-Mutairi भी मौजूद थे। 23 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी की पिछली सजा को सही माना और इसे बरकरार रखा।

किन आरोपों से मिली राहत?

हालांकि आरोपी को जेल हुई है, लेकिन कोर्ट ने उसे कुछ बहुत गंभीर आरोपों से बरी कर दिया। उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुँचाने और सैन्य रहस्यों को विदेशी वेबसाइटों को बेचने या लीक करने के आरोप थे, जिनसे उसे राहत मिली है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com