Kuwait Court: प्रिंस के खिलाफ X पर पोस्ट करने वाले व्यक्ति को 5 साल की जेल, सोशल मीडिया अकाउंट पर भी लगा बैन
कुवैत की एक अदालत ने एक ‘बिदून’ (Bidoon) व्यक्ति की पांच साल की जेल की सजा को बरकरार रखा है। इस व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रिंस के अधिकारों को चुनौती देने वाली पोस्ट लिखी थीं। कोर्ट ने जेल की सजा के साथ-साथ उसका X अकाउंट एक साल तक दोबारा शुरू न करने का आदेश भी दिया है।
अदालत ने यह फैसला सोशल मीडिया पर राजनीतिक नेतृत्व और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ टिप्पणी करने के मामले में सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया कि प्रिंस और न्यायपालिका जैसे संस्थानों का सम्मान करना राष्ट्रीय और संवैधानिक कर्तव्य है।
कुवैत के कानूनों, खासकर साइबर अपराध कानून और दंड संहिता में सरकार या राज्य के संस्थानों की ऑनलाइन आलोचना को अपराध माना गया है। यहाँ के नियमों के तहत अमीर की सार्वजनिक आलोचना करना कानूनी तौर पर मना है।
समान मामलों में भी मिली कड़ी सजा
कुवैत में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं जहाँ सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से कड़ी सजा मिली है। हाल ही में पूर्व सांसद Mohammed Al-Mutair को भी शाही परिवार और न्यायपालिका का अपमान करने के लिए पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।
इसी तरह बिदून एक्टिविस्ट Mohammed Al-Barghash और ब्लॉगर Salman Al-Khalidi को भी गलत खबरें फैलाने और नेतृत्व का अपमान करने के आरोपों में जेल की सजा हुई है। बिदून समुदाय के लोग कुवैत में बिना नागरिकता के रहते हैं और अक्सर अधिकारों की मांग को लेकर कानूनी मुश्किलों में फंसते रहे हैं।
कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह जरूरी है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय वहां के स्थानीय कानूनों का पूरा ध्यान रखें। किसी भी सरकारी संस्था या राजनीतिक नेतृत्व के खिलाफ की गई टिप्पणी गंभीर कानूनी समस्या पैदा कर सकती है।