कुवैत के जलीब अल-शुयूख इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा अभियान चलाया है। 1 अगस्त 2026 को गृह मंत्रालय द्वारा की गई इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य वहां चल रहे नियमों के उल्लंघन को रोकना और सार्वजनिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। यह अभियान प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबाह के दिशा-निर्देशों पर चलाया जा रहा है।
छापेमारी में सामने आए आंकड़े
इस बड़े सुरक्षा अभियान के दौरान अब तक 1,253 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा अधिकारियों ने कानून के उल्लंघन से जुड़े कई मामले दर्ज किए हैं, जिसमें 36 मामले बिना विवाह के पैदा हुए बच्चों (births out of wedlock) के भी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्थायी आश्रय केंद्र में 784 लोगों का इलाज किया और 61 लोगों को बेहतर इलाज के लिए अस्पतालों में रेफर किया है।
व्यापारिक और सुरक्षा मानकों की जांच
व्यापारिक और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर भी कड़ी सख्ती बरती गई है। उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय ने 256 उल्लंघन दर्ज किए हैं और 10 प्रतिष्ठानों को बंद करने का आदेश दिया है। वहीं, जनरल फायर फोर्स ने सुरक्षा जांच के बाद 188 दुकानों या इमारतों को प्रशासनिक रूप से बंद करने का फैसला लिया है। यह अभियान अवैध निर्माण, सरकारी जमीन पर कब्जा, असुरक्षित आवासीय आवास और बिना लाइसेंस चल रहे व्यापारिक कार्यों को निशाना बना रहा है।
गृह मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबाह ने स्पष्ट किया कि जलीब अल-शुयूख का यह अभियान केवल शुरुआत है। आने वाले समय में कुवैत के सभी गवर्नरेट में ऐसी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और देश की सुरक्षा व प्रतिष्ठा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
