कुवैत में अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है और साल 2026 के शुरुआती तीन महीनों में ही गंभीर मामलों की बाढ़ आ गई है। पब्लिक प्रोसिक्यूशन की नई रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत में इस साल की पहली तिमाही में कुल 3,081 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि कुवैत में हर दिन औसतन 34 गंभीर अपराध हो रहे हैं, यानी हर 42 मिनट में एक नया केस सामने आ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां और न्याय विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।
कुवैत में किस महीने दर्ज हुए कितने मामले और कौन से अपराध बढ़े
साल 2026 के शुरुआती तीन महीनों के आंकड़ों को देखें तो जनवरी के महीने में सबसे ज्यादा 1,216 मामले सामने आए। इसके बाद मार्च में 1,024 मामले और फरवरी में 841 मामले दर्ज किए गए। सरकारी डेटा के अनुसार, साल 2025 में भी कुल 49,763 मामले दर्ज हुए थे, जो पिछले साल के मुकाबले 7.6 प्रतिशत ज्यादा थे। इसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी राज्य की सुरक्षा से जुड़े मामलों में 15.74 प्रतिशत और हत्या व हत्या के प्रयास के मामलों में 6.2 प्रतिशत देखी गई। नकली नोट छापने और मानव तस्करी के मामलों में भी भारी बढ़त दर्ज की गई है। कुवैत के कानून के जानकारों का कहना है कि ये आंकड़े न्यायिक प्रणाली पर बढ़ते बोझ को बयां करते हैं।
झूठी खबर फैलाने पर होगी सख्त जेल और हालिया बड़ी गिरफ्तारियां
कानून व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए कुवैत के डिप्टी अटॉर्नी जनरल अहमद अल-कंदरी ने साफ किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली झूठी खबरें सोशल मीडिया पर शेयर करने वालों को कम से कम तीन साल की जेल की सजा मिलेगी। सुरक्षा एजेंसियां देश की सुरक्षा को लेकर काफी सख्त रुख अपना रही हैं। इसी बीच पिछले 24 घंटों में कुवैत पुलिस ने नशीली दवाओं के साथ एक एशियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, एक कुवैती अधिकारी को रिश्वत लेकर देश निकाला की अपील में जालसाजी करने के जुर्म में चार साल की सख्त सजा सुनाई गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत में पहली तिमाही में कुल कितने आपराधिक मामले दर्ज किए गए?
साल 2026 की पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच कुवैत के पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने कुल 3,081 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए हैं, जो हर दिन औसतन 34 मामलों के बराबर है।
कुवैत में गलत खबर या अफवाह फैलाने पर क्या कानून है?
डिप्टी अटॉर्नी जनरल अहमद अल-कंदरी के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी तरह की झूठी खबर फैलाने या रीपोस्ट करने पर कम से कम तीन साल की जेल की सजा का प्रावधान है।
