कुवैत के क्राउन प्रिंस और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच गुरुवार को फोन पर बड़ी बातचीत हुई। इस चर्चा का मुख्य मुद्दा ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करना और युद्ध को खत्म करना था। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़े समझौते का दावा किया है जिससे पूरे क्षेत्र में शांति आ सकती है।
ट्रंप का बड़ा दावा और ईरान के साथ समझौता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 जून 2026 को ऐलान किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए एक बड़ा समझौता हो गया है। ट्रंप ने बताया कि इस डील के बाद ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और कुछ ही दिनों में यूरोप में इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
कुवैत और अन्य खाड़ी देशों की भूमिका
ट्रंप ने पुष्टि की कि उन्होंने इस समझौते को लेकर कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमाद अल-सबाह समेत कई क्षेत्रीय नेताओं से बात की है। इस बातचीत का मकसद शांति प्रक्रिया में आपसी तालमेल बिठाना था। ट्रंप ने इस दौरान इजराइल के बेंजामिन नेतन्याहू, कतर, यूएई, सऊदी अरब और बहरीन के नेताओं से भी चर्चा की।
ईरान का जवाब और बढ़ता तनाव
जहाँ एक तरफ ट्रंप समझौते की बात कर रहे हैं, वहीं ईरान की तरफ से अलग-अलग खबरें आ रही हैं। ईरान की एजेंसी फार्स न्यूज ने कहा कि डील की संभावना काफी ज्यादा है। लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ई ने साफ किया कि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और अमेरिकी हमलों ने बातचीत को मुश्किल बना दिया है।
तनाव की स्थिति यह रही कि 10 और 11 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हमले जारी रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन को निशाना बनाया। इन हमलों के कारण कुवैत को अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद करना पड़ा था।
दुनियाभर में चिंता
इस तनावपूर्ण माहौल को लेकर अफ्रीकी संघ (AU) और संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी चिंता जताई है। अफ्रीकी संघ ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने भी मध्य पूर्व में शांति बनाए रखने और युद्धविराम का पालन करने को कहा है।
