कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह खालिद अल-हमद अल-सबाह और प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने शनिवार 28 फरवरी 2026 को गृह मंत्रालय का दौरा किया। क्षेत्रीय तनाव और हालिया हमलों के बाद देश भर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। कुवैती नेतृत्व ने खुद पुलिस बलों की तैनाती और सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।

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कुवैत में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के मुख्य कारण

क्षेत्रीय हालातों को देखते हुए कुवैत सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री ने गृह मंत्रालय के मुख्यालय जाकर सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान पुलिस को पूरे देश में गश्त बढ़ाने और महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गृह मंत्री शेख फहद यूसुफ अल-सबाह ने सुरक्षा नेतृत्व के साथ आपातकालीन बैठक कर जरूरी योजनाओं को अंतिम रूप दिया है।

कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए जरूरी नियम

कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और पर्यटकों के लिए सुरक्षा विभाग ने कुछ विशेष निर्देश जारी किए हैं ताकि किसी भी परेशानी से बचा जा सके:

  • पुलिस का सहयोग करें: सड़कों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और पुलिस के साथ पूरा सहयोग करें और मांगे जाने पर जरूरी दस्तावेज दिखाएं।
  • अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत खबरों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें।
  • इमरजेंसी नंबर: किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी देने के लिए इमरजेंसी नंबर 112 का उपयोग करें।
  • महत्वपूर्ण जगहों पर सावधानी: देश के मुख्य बुनियादी ढांचों, बिजली घरों और सरकारी सुविधाओं के पास सुरक्षा काफी सख्त है, वहां नियमों का पालन करें।

सुरक्षा को लेकर किए गए अन्य बड़े फैसले

क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री ने गृह मंत्रालय के अलावा रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के ऑपरेशंस सेंटर का भी दौरा किया। यहां बाहरी खतरों से निपटने की सैन्य रणनीति और कूटनीतिक कदमों पर चर्चा की गई। सुरक्षा अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे हर समय फील्ड में अपनी मौजूदगी बनाए रखें और किसी भी रिपोर्ट पर तुरंत एक्शन लें। कुवैत सरकार का मुख्य फोकस इस समय देश की स्थिरता और नागरिकों की सुरक्षा बनाए रखना है।