Kuwait: कुवैत में सब्सिडी वाले खाने के सामान की तस्करी नाकाम, मिस्र भेजे जा रहे तेल और पास्ता को कस्टम विभाग ने पकड़ा.

कुवैत की जनरल Administración of Customs यानी सीमा शुल्क विभाग ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देश से बाहर गैरकानूनी तरीके से भेजे जा रहे सब्सिडी वाले खाने के सामान को रोक लिया है। यह सारा सामान मुख्य रूप से मिस्र भेजने की तैयारी में था जिसे अधिकारियों ने अपनी सख्त निगरानी के दौरान बीच में ही पकड़ लिया। 6 से 8 अगस्त 2026 के बीच सामने आई इन घटनाओं से यह साफ पता चलता है कि कुवैत के अधिकारी देश के संसाधनों की सुरक्षा करने और खाद्य सुरक्षा को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं। सुलैबिया और वेजिटेबल मार्केट जैसे अलग-अलग विभागों के कस्टम इंस्पेक्टरों ने रूटीन चेकिंग के दौरान ट्रकों के अंदर छिपाकर रखे गए कई तरह के खाद्य पदार्थ बरामद किए जिनमें पैक किया हुआ कुकिंग ऑयल, पास्ता और टमाटर पेस्ट जैसी चीजें शामिल थीं।
कड़े नियमों के बाद भी हो रही थी तस्करी
कुवैत के राष्ट्रीय कानून के तहत बुनियादी सब्सिडी वाली वस्तुओं के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है। इस संबंध में कस्टम्स सर्कुलर नंबर 21 ऑफ 2026 और मिनिस्टेरियल डिसीजन नंबर 20 of 2026 लागू किए गए हैं जो 1 मार्च 2026 से प्रभावी हुए हैं। इन नियमों के अनुसार इन वस्तुओं का निर्यात केवल तभी किया जा सकता है जब इसके लिए पहले से मंत्रालय की अनुमति ली गई हो। हालांकि, मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने जुलाई 2023 में ही स्पष्ट रूप से ऐसी किसी भी अनुमति को जारी करने से मना कर दिया था। इन नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ डिक्री-लॉ नंबर 10 ऑफ 1979 के तहत कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है क्योंकि यह सामान केवल देश के नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों के घरेलू इस्तेमाल के लिए ही तय किया गया है।
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
जनरल Administración of Customs ने तस्करी के ऑपरेशन को रोकने और सीमा शुल्क कानूनों को सख्ती से लागू करने के लिए देश के सभी बॉर्डर पॉइंट पर अपनी चौकसी और नियंत्रण को और ज्यादा मजबूत करने की बात दोहराई है। वरिष्ठ कस्टम अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि इन सब्सिडी वाली चीजों को बाहर भेजना पब्लिक फंड का गलत इस्तेमाल करना है और यह देश की सहायता प्रणालियों को कमजोर करता है। इसके अलावा मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने भी यह साफ किया कि सरकारी सब्सिडी का फायदा गलत तरीके से उठाना एक गंभीर अपराध है जो सार्वजनिक संसाधनों और देश की खाद्य सुरक्षा को नुकसान पहुंचाता है। सरकार इस तरह की हरकतों पर पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और सभी मामलों को आगे की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों के पास भेज दिया गया है।