कुवैत सरकार ने अपनी सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए कस्टम्स ट्रेस यूनिट को और मजबूत कर दिया है। अब जमीन, समुद्र और हवाई रास्तों पर ड्रग्स, विस्फोटक और अवैध कैश पकड़ने के लिए आधुनिक तकनीक और खास ट्रेनिंग वाले पुलिस कुत्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही बॉर्डर पर फर्जी कागजों से घुसने वालों के खिलाफ भी सख्ती बढ़ गई है।

बॉर्डर पर कैसे होगी चेकिंग और क्या है Customs Trace Unit का काम?

कुवैत के General Administration of Customs ने बताया कि उनकी Customs Trace Unit अब अंतरराष्ट्रीय मानकों पर काम कर रही है। इस यूनिट का मुख्य काम नशीले पदार्थ, विस्फोटक और अवैध पैसों की तस्करी को रोकना है।

  • खास पुलिस कुत्ते: इन कुत्तों को उनकी सेहत और व्यवहार की पूरी जांच के बाद विदेश से मंगाया गया है।
  • कड़ी ट्रेनिंग: इन्हें तस्करी के नए तरीकों से निपटने के लिए विशेष ट्रेनिंग और फील्ड सिमुलेशन से गुजारा गया है।
  • हर जगह तैनाती: यह यूनिट हवाई अड्डों, बंदरगाहों और जमीनी सीमाओं पर सक्रिय रहती है ताकि कोई भी अवैध सामान अंदर न आ सके।

Al-Salmi बॉर्डर पर क्या हुआ? फर्जी डॉक्यूमेंट से घुसने की कोशिश नाकाम

हाल ही में Al-Salmi बॉर्डर क्रॉसिंग पर एक बड़ी घटना सामने आई। वहां तैनात कर्मचारी Saad Abdulrahman Al-Mutairi ने अपनी सतर्कता से एक व्यक्ति को देश में अवैध रूप से घुसने से रोक दिया।

  • फर्जी दस्तावेज: वह व्यक्ति फर्जी कुवैती इमरजेंसी एंट्री डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर देश में घुसने की कोशिश कर रहा था।
  • बायोमेट्रिक जांच: जब बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट जांच की गई, तो पता चला कि उस व्यक्ति का डेटा अलग था और वह विदेशी पासपोर्ट धारक था।
  • मंत्री ने की तारीफ: प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री Sheikh Fahd Al-Yousef ने इस कर्मचारी की सूझबूझ के लिए उनकी सराहना की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत बॉर्डर पर तस्करी रोकने के लिए क्या नए कदम उठाए गए हैं?

सरकार ने Customs Trace Unit को मजबूत किया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित पुलिस कुत्तों को तैनात किया है जो ड्रग्स और विस्फोटक पकड़ने में माहिर हैं।

क्या फर्जी दस्तावेजों से कुवैत में प्रवेश संभव है?

नहीं, अब बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंटिंग और सख्त जांच की जा रही है, जिससे फर्जी दस्तावेजों का पता तुरंत चल जाता है और ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।