कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने को लेकर एक बेहद जरूरी खबर आई है। कुवैत के साइबर क्राइम डिपार्टमेंट ने एक नया अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत इंटरनेट पर युद्ध, मिसाइल हमलों या किसी भी तरह के सांप्रदायिक कंटेंट को शेयर करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। 6 जून 2026 को जारी इस चेतावनी के बाद अगर कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुवैत साइबर क्राइम डिपार्टमेंट ने क्या चेतावनी जारी की है?
कुवैत के गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले साइबर क्राइम डिपार्टमेंट ने साफ कहा है कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जंग, सैन्य अभियानों, मिसाइलों और ड्रोन हमलों से जुड़ी कोई भी जानकारी या वीडियो शेयर नहीं करेगा। इसके अलावा ऐसी किसी भी सामग्री को पोस्ट करने पर रोक है जिससे समाज में आपसी भाईचारा बिगड़े या नफरत फैले। प्रशासन ने सभी प्रवासियों और नागरिकों से पूरी तरह से निष्पक्ष रहने और भड़काऊ पोस्ट से दूर रहने की अपील की है।
प्रवासियों और भारतीय कामगारों पर इसका क्या असर होगा?
कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। इस नए नियम के तहत प्रवासियों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय बेहद सावधान रहना होगा। खाड़ी देशों में मार्च 2026 से ही क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए इस तरह के कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। अगर कोई भारतीय अनजाने में भी व्हाट्सएप, फेसबुक या एक्स पर युद्ध या मिसाइल से जुड़े भ्रामक वीडियो या पोस्ट शेयर करता है, तो उसे हिरासत में लिया जा सकता है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर लोग सीधे गृह मंत्रालय के आधिकारिक चैनलों पर इसकी रिपोर्ट कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत में सोशल मीडिया पर किस तरह की चीजें पोस्ट करने पर प्रतिबंध लगा है?
कुवैत सरकार ने युद्ध, सैन्य गतिविधियों, मिसाइल और ड्रोन हमलों से जुड़ी खबरों या वीडियो को शेयर करने पर प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा किसी भी तरह के सांप्रदायिक और नफरत फैलाने वाले कंटेंट पर भी रोक है।
नियम का उल्लंघन करने पर कुवैत में क्या कार्रवाई होगी?
नियम का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को कुवैती कानून के तहत सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उसके खिलाफ साइबर अपराध के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
