कुवैत के रक्षा मंत्रालय और सेना ने बताया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान कुवैत के हवाई क्षेत्र में 17 खतरनाक मिसाइलें देखी गईं। सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से 13 मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया। यह घटना 22 और 23 मार्च 2026 के बीच की है। इस दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देश में दो बार चेतावनी वाले सायरन भी बजाए गए ताकि लोग सुरक्षित रहें।

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क्या इस हमले में कोई नुकसान हुआ है?

कुवैत की सेना के अनुसार, मिसाइलों को रोकने के लिए किए गए डिफेंस ऑपरेशन में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की फिलहाल कोई खबर नहीं है। हालांकि, मिसाइलों के फटने के बाद उनका मलबा कुछ जगहों पर गिरा है। विस्फोटक निपटान टीम ने मलबे से जुड़ी 14 शिकायतों पर कार्रवाई की है। कुवैत में काम करने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए राहत की बात यह है कि स्थिति नियंत्रण में है और सरकारी एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं।

कुवैत में सुरक्षा की मौजूदा स्थिति और आंकड़े

जब से क्षेत्रीय संघर्ष शुरू हुआ है, तब से कुवैत की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सेना और रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से स्थिति को बेहतर समझा जा सकता है:

विवरण कुल संख्या
कुल मिसाइल हमले (शुरुआत से अब तक) 261
कुल ड्रोन हमले (शुरुआत से अब तक) 585
चेतावनी सायरन बजने की संख्या 118
मलबे से जुड़ी रिपोर्ट 498

यह हमले उन जवाबी कार्रवाइयों का हिस्सा हैं जो इस क्षेत्र में चल रही सैन्य गतिविधियों के बाद शुरू हुई हैं। कुवैत सरकार लगातार अपने नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। मलबे वाली जगहों पर लोगों को न जाने की सलाह दी गई है।