कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस पर शनिवार सुबह हुए मिसाइल और ड्रोन हमले के बाद रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबाह ने रविवार को घायल सैनिकों से मुलाकात की। वह जाबेर अल-अहमद अस्पताल पहुंचे और वहां उपचाराधीन जवानों का हाल जाना। कुवैती एयर डिफेंस ने दुश्मन के हमलों को हवा में ही मार गिराया था, लेकिन उनके मलबे की चपेट में आने से तीन जवानों को मामूली चोटें आई थीं।
हमले में कितना हुआ नुकसान और क्या है ताजा स्थिति?
कुवैत रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस हमले से सेना की परिचालन क्षमता या युद्ध तैयारी पर कोई असर नहीं पड़ा है। सेना पूरी तरह से मुस्तैद है और देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षा कर रही है। हमले से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
- घायल जवान: कुवैती सशस्त्र बल के तीन जवानों को मामूली चोटें आई हैं।
- एयरपोर्ट पर असर: कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल टी2 प्रोजेक्ट साइट पर भी एक ड्रोन के कारण मामूली नुकसान हुआ है।
- अस्पताल दौरा: रक्षा मंत्री ने डॉक्टरों से घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और जवानों के साहस की सराहना की।
- सुरक्षा कवच: कर्नल सऊद अल-अतवान ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने खतरों को सफलतापूर्वक रोका है।
आम जनता और प्रवासियों के लिए क्या हैं नए निर्देश?
सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई एहतियाती कदम उठाए हैं ताकि आम नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों को किसी भी खतरे से बचाया जा सके। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
| विषय | लिया गया फैसला |
|---|---|
| शिक्षा | कुवैत यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई |
| बंदरगाह | शुएबा पोर्ट पर परिचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है |
| मलबा चेतावनी | किसी भी अनजान वस्तु या मिसाइल के टुकड़े को न छुएं और पुलिस को खबर दें |
| जानकारी | केवल आधिकारिक स्रोतों और KUNA की खबरों पर ही भरोसा करें |
रक्षा मंत्रालय ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचें। एयरपोर्ट प्रोजेक्ट साइट को भी सुरक्षा के लिहाज से खाली करा लिया गया था ताकि वहां काम करने वाले इंजीनियरों और तकनीकी स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
